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एटीएम में कार्ड फंसाकर रकम उड़ाने के तीन आरोपी पकड़े

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पुलिस हिरासत में पकड़े गए आरोपी। संवाद - फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। मशीन में एटीएम कार्ड फंसाकर नकदी उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि उनका एक साथी अभी फरार है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर विभिन्न बैंकों के दस एटीएम कार्ड, एक स्वैप मशीन, 46 हजार 300 रुपये बरामद किए हैं। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार सीज कर दी है।
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रेलवे कॉलोनी निवासी अमीर चंद ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बीती नौ अक्तूबर को वह मुरादाबाद रोड स्थित पीएनबी बैंक के एटीएम से एक हजार रुपये निकालने गया था। उसका कार्ड एटीएम मशीन में ही फंस गया। इस दौरान एटीएम कक्ष में आए दो लोगों ने एटीएम कक्ष में लिखे हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने के लिए कहा। कॉल अटेंड करने वाले ने मशीन में टेक्नीकल खराबी बताते हुए कहा कि अगले दिन सुबह टेक्नीशियन वहां पहुंचकर मशीन ठीक कर आपका डेबिट कार्ड निकाल देगा। इसके बाद उसके खाते से 11 हजार रुपये निकल गए।
काजीबाग निवासी राजेश कुमार के एटीएम से 75 हजार रुपये निकल गए। इन वारदातों का खुलासा करने के लिए एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने पुलिस टीमों का गठन किया था। टीमों ने एटीएम कक्षों और आसपास सीसीटीवी फुटेज चेक की। सुरागकसी कर पुलिस ने मुरादाबाद रोड पर बिना नंबर की काले रंग की कार में सवार तीन बदमाशों को पकड़ा। घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी गौतमबुद्ध नगर निवासी रोहित कुमार, ग्राम भवानीपुर संभल निवासी नाजिम व तहसील दादरी गौतम बुद्धनगर निवासी मनीष हैं।
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उनके खिलाफ कोटद्वार, गाजियाबाद और पौड़ी गढ़वाल में धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में एसएसआई प्रदीप मिश्रा, एसआई नवीन बुधनी, देवेंद्र सामंत, कंचन पडलिया, अशोक कांडपाल, दीपक जोशी, संतोष देवरानी, कांस्टेबल प्रेम कंडवाल, सुरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल अजीत कुमार, देवेंद्र पांडे, अनिल मनराल शामिल रहे।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
काशीपुर। कार्ड से रकम उड़ाने के आरोपी एटीएम स्लॉट में फेबीक्विक लगाकर कस्टमर का कार्ड फंसा देते थे। वहां मशीन पर पहले ही एक कस्टमर केयर नंबर लिखा छोड़ देते थे। दो लोग एटीएम कक्ष में आकर कस्टमर को टोल फ्री नंबर पर कॉल करने की सलाह देते हैं। कॉल अटेंड करने वाला साथी कस्टमर से कार्ड का पिन डायल करने को कहता है। पिन डायल करने के दौरान वहां खड़ा व्यक्ति एटीएम का पिन नंबर नोट कर लेता है। बाद में एटीएम मशीन खराब होने की बात कहते हुए अगले दिन इंजीनियर भेजने की बात कही जाती है। ग्राहक के जाने के बाद ठग प्लास का प्रयोग कर कर्ड एटीएम मशीन से खींच लेते हैं। कार्ड को मशीन में डालकर खाते का बैलेंस चेक करते हैं। खाते में ज्यादा धनराशि होने पर रकम को वह सीधे अपने कोटक महिंद्रा के खातों में ट्रांसफर कर देते हैं। एटीएम से रकम निकालने के लिए वह सुनसान स्थानों पर लगे एटीएम का इस्तेमाल करते हैं। ठग ज्यादातर वारदातें छुट्टियों के दिनों में करते हैं। संवाद
दो कांस्टेबलों को दिया जाएगा मैन ऑफ द मंथ
काशीपुर। एसएसपी मंजूनाथ ने बताया कि वारदात का खुलासा करने में कांस्टेबल देवेंद्र पांडे और अनिल मनराल की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि दोनों कांस्टेबलों को संयुक्त रूप से मैन ऑफ द मंथ घोषित किया जाएगा। वहां एसपी अभय कुुमार सिंह व सीओ वंदना वर्मा मौजूद थे। संवाद
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