काशीपुर। सरकार ने इस बार सिर्फ उन्हीं किसानों का धान खरीदने की योजना बनाई जिनका रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर होगा। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले किसानों का धान नहीं खरीदा जा सकेगा। बृहस्पतिवार को एसडीएम अभय प्रताप सिंह के समक्ष किसानों ने यह समस्या उठाई। उन्होंने किसानों के साथ-साथ कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि पंजीकरण के प्रति किसानों को जागरूक किया जाए। अगर सभी किसानों ने एक साथ पंजीकरण किया तो अफरातफरी मच सकती है। इस समस्या से बचने के लिए किसानों को अभी से पंजीकरण कराना होगा।
इस दौरान किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर राज्य में एमएसपी गारंटी कानून लागू करने, गन्ना का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल करने, पर्वतीय किसानों की चकबंदी करने, फल, सब्जी व अन्य फसलों को मंडी पहुंचाने का ट्रांसपोर्ट खर्च सरकार की ओर से वहन करने की मांग की। साथ ही किसानों ने निजी नलकूपों की बिजली माफ करने, किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर लगाए मुकदमे वापस लिए जाने, धान खरीद एक अक्तूबर से शुरू करने, आरएफसी व एफसीआई के तौल केंद्र अधिक लगाए जाए। सभी सांसद और विधायकों की वेतन वृद्धि वापस लिए जाने की भी मांग की।
किसानों ने कहा कि प्रदेश में सीपीयू की ओर से किए जा रहे अत्याचार बंद होने चाहिए और चालान सौ व दो सौ रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। गन्ना चीनी मिल नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू हो जानी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में टीका सिंह सैनी, बलजिंदर सिंह संधू, कल्याण सिंह, कुलदीप सिंह चीमा, मनप्रीत सिंह, बलवीर सिंह फौजी, रूप सिंह सैनी, महावीर सिंह सैनी, दर्शन सिंह देओल, बलविंदर सिंह आदि किसान नेता शामिल रहे। संवाद
किसानों ने दी सचिवालय घेराव की चेतावनी
जसपुर। भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने कृषि उत्पादन मंडी समिति प्रांगण में पंचायत कर किसानों की समस्याओं पर चर्चा की। 11 सूत्री मांगों का मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। बृहस्पतिवार को एसडीएम सीमा विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंप किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं। किसानों ने चेतावनी दी की 20 दिन के भीतर समस्याओं का निदान किया जाए अन्यथा सचिवालय का घेराव किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में प्रेम सहोता, दीदार सिंह, अपार सिंह, अरुण शर्मा, गुरपेज सिंह, जगजीत सिंह, सुख दीप सहोता, निर्मल सिंह चौधरी किशन सिंह, गुरनाम सिंह, रणधीर सिंह, कुलवीर सिंह, संजीव चौधरी आदि शामिल रहे।