खटीमा। उप नेता प्रतिपक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक भुवन कापड़ी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ शहीद स्मारक पहुंचकर राज्य निर्माण के लिए शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कापड़ी ने कहा कि शहीद आंदोलनकारियों की बदौलत ही उत्तराखंड राज्य मिला है। शहीद आंदोलनकारियों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है।
बृहस्पतिवार को शहीद स्मारक स्थल पहुंचे कापड़ी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की कार्यवाही तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने की थी। तिवारी ने घायलों को 50 हजार एवं सात दिन जेल गए आंदोलनकारियों को नौकरी दी। इसके बाद तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने 2012 में राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन लागू की।
कापड़ी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार स्पष्ट बहुमत एवं अन्य दलों की सहमति के बाद भी 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर विधेयक पारित नहीं करा पाई। कापड़ी ने सरकार से लंबित पड़ी चिह्नीकरण की कार्यवाही करने एवं 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर विधेयक पारित करने की मांग की। वहां कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बॉबी राठौर, नगर अध्यक्ष रवीश भटनागर, पंकज टम्टा, नरेंद्र आर्य, नासिर खान, राजू सोनकर आदि थे।
इधर नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा एवं पालिकाध्यक्ष सोनी राणा ने भी शहीद स्मारक पहुंचकर शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। विधायक राणा ने कहा कि उत्तराखंड एवं खटीमा का विकास शहीदों की भावना के अनुरूप कराया जाएगा। पालिकाध्यक्ष सोनी राणा ने कहा कि रामपुर तिराहे की तर्ज पर करीब 20 फीट ऊंचे शहीद स्तंभ का निर्माण किया जाएगा। वहां ईओ गुरमीत सिंह, विमला जोशी, दीपक शुक्ला, विजय कुमार, सूरज कुमार, विजय राणा, खुशबुद्दीन खां, दिनेश भट्ट, नीरज, अमरजीत, शबनम आदि थे।
खटीमा में शहीद स्मारक में उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्घांजल?- फोटो : KHATIMA