रुद्रपुर। कॉम्प्रिहेंसिव प्राइमरी हेल्थ केयर (सीपीएचसी) योजना के तहत जिला ऊधमसिंह नगर में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को गांव स्तर पर मजबूती मिल रही है। आशा कार्यकर्ता अब केवल गर्भवती महिलाओं और टीकाकरण तक सीमित नहीं रहीं बल्कि वे हर परिवार की सेहत की पहली जानकारी जुटाने वाली अहम कड़ी बन चुकी हैं।
गांव में किसी को बुखार, कमजोरी, ब्लड प्रेशर या शुगर जैसी परेशानी हो तो सबसे पहले आशा कार्यकर्ता ही मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ले रही हैं। इस बार सीपीएचसी के तहत 12 सेवाओं के संबंध में जिले की 420 आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे पूर्व जिले में 1346 आशा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण कार्य पूरा हो चुका है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. केके अग्रवाल ने बताया कि इसी व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से सीपीएचसी के तहत आशा कार्यकर्ताओं को 12 स्वास्थ्य पैकेज का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके माध्यम से गैर-संचारी रोगों की पहचान, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, परिवार नियोजन, बुजुर्ग देखभाल और डिजिटल रिपोर्टिंग जैसी जानकारियां दी जा रही हैं जिससे आशा कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर और प्रभावी ढंग से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा सकें।