जिले में हो रही गो तस्करी को नकारने वाली पुलिस को इस बार पिकप में पकड़े गए दस क्विंटल गोमांस ने आइना दिखा दिया है। हर बार की तरह पुलिस शायद इस मामले को भी दबा देती, लेकिन हालात ने पुलिस को मामला खोलने पर मजबूर कर दिया। पुलिस अधिकारियों को मानना पड़ा कि यूपी से गोमांस की सप्लाई हो रही है। मामले में गोमांस लेकर भाग रहे पिकप की टक्कर से घायल युवक का अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि पिकप चालक और उसका साथी मौके से भागने में सफल रहे।
गुरुवार सुबह रामपुर की ओर से आ रहे एक पिकप संख्या यूके 06 सीए 6008 ने डिग्री कालेज के समीप बाइक सवार व्यापारी देवव्रत को टक्कर मार दी। इस दौरान देवव्रत बाइक से छिटककर घायल हो गया, जबकि बाइक पिकप के नीचे फंस गई। इससे पिकप चालक गाड़ी को आगे नहीं बढ़ा सका। आसपास के लोगों ने देवव्रत को अस्पताल पहुंचाकर पिकप चालक और उसके साथी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन दोनों मौका देखकर भाग गए। इसी बीच किसी को पिकप से खून टपकते दिखा। पिकप की तलाशी ली गई तो उसमें गोमांस भरा मिला।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने पिकप को कब्जे में लेकर लोगों को शांत कराया और पिकप लेकर चली गई। देवव्रत के पिता ने फरार पिकप चालक और उसके साथी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपी है। एएसपी पंकज भट्ट ने डाक्टरी परीक्षण के बाद गोमांस होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मांस की गाड़ी का रामपुर पुलिस पीछा कर रही थी, इसलिए पिकप चालक तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए बाइक सवार को अपनी चपेट में लेते हुए उत्तराखंड बार्डर में घुस आया। यूएस नगर पुलिस ने वाहन तो पकड़ लिया लेकिन तस्कर मौका देखकर भाग गए। दोपहर बाद पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक और उसके साथी पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है।
पिकप में गोमांस की तस्करी के मामले में अगर पिकप द्वारा बाइक सवार को रौंदने से मौके पर हंगामा नहीं होता तो शायद पुलिस इस मामले को भी दबा देती। जब पिकप ने बाइक सवार को टक्कर मारी तो वहां पर लोगों का जमावड़ा लग गया और कई लोगों ने पिकप में भरे गोमांस को अपने कैमरे में भी कैद कर लिया। इससे पुलिस को मामले का खुलासा करना पड़ा।
पिकप में की जा रही गोमांस की तस्करी के मामले को छुपाने का पुलिस ने आखिर तक प्रयास किया। घटनास्थल पर जब एसएसआई डीएल वर्मा और एसआई विरेंद्र रमोला पिकप को लेकर जाने लगे तो पुलिस के कुछ अधिकारियों ने मामला खुलने पर शहर की फिजा खराब होने की बात कहकर मामले को रफा-दफा करने की बात कही। इस पर पिकप को पहले बगवाड़ा चौकी क्षेत्र में ले जाया गया लेकिन यहां पिकप छुपाने की जगह नहीं मिलने पर उन्हें मजबूरी में पिकप को पुलिस लाइन ले जाना पड़ा और यहीं पर मांस का मेडिकल परीक्षण किया गया।