काशीपुर। कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से इस वर्ष से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 व सेमेस्टर प्रणाली लागू करने से राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है।
कॉलेज प्रशासन की मानें तो नई शिक्षा नीति व सेमेस्टर प्रणाली से नए छात्रों की अब तक तीन बार काउंसलिंग हो चुकी है। बावजूद इसके छात्रों को अभी समझ नहीं आ रहा है आखिर वह क्या करें जबकि महाविद्यालय में छह अगस्त से स्नातक में प्रवेश शुरू हो गए हैं। इसके लिए डॉ. मीना शर्मा को बीए प्रथम वर्ष (छात्र), डॉ. कल्पनाथ सिंह यादव को बीए प्रथम वर्ष (छात्रा), डॉ. मुकेश जोशी को बीकॉम प्रथम वर्ष, डॉ. रीता सचान को बीएससी प्रथम वर्ष जेडबीसी ग्रुप और डॉ. महिपाल सिंह को बीएससी प्रथम वर्ष पीसीएम ग्रुप में प्रवेश कमेटी का मुख्य संयोजक नियुक्त किया गया है।
डॉ. महिपाल सिंह ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद से अब तक तीन बार छात्रों की काउंसलिंग हो चुकी है। बावजूद इसके छात्र प्रवेश लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं। विश्वविद्यालय के आदेशानुसार 17 अगस्त से शिक्षण कार्य शुरू होना है। अब तक बीए लगभग 12, बीकॉम में लगभग 12, बीएससी जेडबीसी में छह व पीसीएम में 10 विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है। छात्र सेमेस्टर में तीन साल में छह एग्जाम व स्किल डेवलपमेंट व वोकेशनल कोर्स आवश्यक होने से घबरा रहे हैं। संवाद
क्या कहना है छात्रों का
नई शिक्षा नीति लागू होने व सेमेस्टर से छात्र घबरा रहे हैं क्योंकि बीते वर्ष तक तीन वर्ष में तीन पेपर होते थे। अब तीन वर्ष में छह पेपर होने से छात्र रुचि नहीं ले रहे हैं।
- फैजुल रहमान चौधरी, एमए पॉलीटिक्ल साइंस।
मैं इस वर्ष बीए में प्रवेश लेना चाहता हूं लेकिन सेमेस्टर और दो कोर्स अनिवार्य करने से कुछ संशय हो रहा है इसलिए अभी प्रवेश नहीं लिया है। थोड़ा सोच विचार करने के बाद कोई निर्णय लूंगा।
- मोहम्मद फरीद।
12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर स्नातक में प्रवेश लेना है। कॉलेज में पता चला कि सेमेस्टर प्रणाली लागू हो गई है और दो कोर्स अनिवार्य रूप से लेने है। तभी से मन में कुछ डर बैठ गया है।
- मुजफ्फर अली।
मैंने बीए में दाखिले के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा दिया था। बाद में पता चला इस वर्ष से सेमेस्टर प्रणाली लागू हो गई है। फिलहाल मैंने अभी प्रवेश नहीं लिया है।
- सावेश खान।