नेता घोषणाएं करके भूल जाते हैं। उनको घोषणाओं की याद तब आती है, जब चुनाव आता है या फिर कोई त्योहार। ये ही हाल है धोबी घाट यानी छठ पूजा स्थल का।
कल्याणी नदी में बना छठ पूजा स्थल में पूर्वांचली समाज को भी इस बार फिर से गंदे पानी में पूजा-अर्चना करनी पड़ेगी। नदी की गंदगी की बात करें तो यह पानी इतना गंदा है कि इसमें पूजा करना तो दूर नदी के किनारे कोई खड़ा नहीं रह सकता है। कल्याणी नदी में शहर की ट्रांजिट कैंप, सिडकुल सहित कई बस्तियों का गंदा पानी आकर गिरता है।
कई लोगों ने तो सीवर का पानी तक इस नदी में डाल दिया है। कल्याणी नदी मरे हुए जानवर और कूड़े फेंकने का अड्डा बन गई है। कल्याणी नदी की इस हालत को देखकर पूर्वांचली समाज बहुत ही आहत है।
पिछले वर्ष छठ पूजा में नगर निगम ने यहां पर पक्का तालाब बनाने और बोरिंग लगाने का आश्वासन दिया था। साथ ही बोर्ड में प्रस्ताव बनाकर भी भेजा था। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि ने भी 10 लाख रुपये की घोषणा की थी। लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी यहां एक नया पत्थर नहीं लग सका है।