रुद्रपुर। 11 साल पहले बड़े सपनों के साथ शुरू किया गया सिडकुल कार्यालय भवन का निर्माण आज भी अधूरा है। 2015 में 20 करोड़ से बनने वाले इस भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रशासनिक कार्यालय के रूप में तैयार किया जाना था लेकिन कार्य बीच में रुक गया और अब यह भवन खंडहर बनता जा रहा है।
निर्माण में अनियमितताओं और घोटाले की शिकायतों के बाद जांच के लिए एसआईटी का गठन हुआ था। जांच के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि परियोजना में लापरवाही या वित्तीय अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार कौन था। वर्तमान स्थिति ये है कि अधूरी इमारत सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में असामाजिक तत्वों का अड्डा बनती जा रही है। भवन से लोहे के कई सामान चोरी हो चुके हैं।
सूत्रों का कहना है कि करोड़ों खर्च होने के बावजूद सरकारी संपत्ति की इस तरह अनदेखी होना गंभीर चिंता का विषय है। कहना है कि यदि समय रहते निर्माण पूरा कर लिया जाता तो सिडकुल क्षेत्र के प्रशासनिक कार्यों को बेहतर सुविधा मिल सकती थी। वहीं दूसरी ओर सालों से अधूरी पड़ी परियोजना अब सरकारी कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है।
एसडीएम मनीष बिष्ट ने बताया कि मामले में एसआईटी जांच पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों से जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।