काशीपुर। बाजपुर रोड पर आरओबी निर्माण कार्य की राह में आ रहे रोड़े कम होने के नाम नहीं ले रहे हैं। अब बीते दिनों रेलवे क्रॉसिंग पर बने स्ट्रक्चर से गार्डर हटाने के दौरान हाइड्रा के पलटने से रेलवे की विद्युत लाइन टूटने से निर्माण कार्य में देरी हो रही है।
करीब तीन महीने से क्रॉसिंग के ऊपर के हिस्से का निर्माण रेलवे विभाग की तकनीकी टीम का निरीक्षण नहीं होने से रुका था। 30 अगस्त को पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर से आई टीम ने ब्रिज के वेल्डिंग स्ट्रक्चर का निरीक्षण कर रिपोर्ट अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) को भेजी है। टीम ने उम्मीद जताई थी कि अक्तूबर तक आरओबी पर यातायात शुरू हो सकता है। इसी बीच 13 सितंबर को रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बने स्ट्रक्चर के गार्डर को हटाने के दौरान हाइड्रा पलट गया और इससे रेलवे की विद्युत लाइन टूट गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ठेकेदार बिना अनुमति के गार्डर हटा रहा था। उन्होंने मामले में आरपीएफ में केस भी दर्ज कराया।
रोडवेज डिपो का संचालन हुआ प्रभावित
आरओबी निर्माण के चलते लगभग साढ़े पांच साल से रोडवेज डिपो में बसों का आना-जाना प्रभावित हो गया है। डिपो के स्टेशन प्रभारी हरेंद्र नितवाल ने बताया आरओबी निर्माण से पहले डिपो में विभिन्न डिपो की 80-90 बस आती थीं, जो अब घट कर 10-15 ही रह गई हैं। इसके चलते डिपो की आय पर भी असर पड़ रहा है। डायवर्ट रूट होने के कारण लोग निजी बस या डग्गामार वाहनों से अपने गंतव्य को आ-जा रहे हैं।
तारीख पर तारीख
बाजपुर रोड पर लगभग 56 करोड़ की लागत से नवंबर 2017 में आरओबी निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसे नवंबर 2019 तक पूरा होना था लेकिन कार्यदायी कंपनी की लेटलतीफी से कम कछुआ गति से चलता रहा। इस कारण दो साल में पूरा नहीं हो पाया। मार्च 2020 से 2021 तक कोरोना काल का रहा। इस दौरान मजदूरों के घर चले जाने से काम बंद हो गया। इसके बाद कार्यदायी कंपनी ने वर्ष 2022 में दो बार तारीख देकर काम पूरा करने का भरोसा दिया, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। फरवरी 2023 में ठेकेदार कंपनी ने 105 दिन का समय मांगा, जिसकी सीमा भी सात जून 2023 को खत्म हो गई। इसके बाद जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में 20 अगस्त 2023 तक काम पूरा करने का भरोसा दिया, लेकिन अब रेलवे रिपोर्ट आने के इंतजार में काम अटक गया।
क्षेत्रवासियों का दर्द उनकी जुबानी :
- मेरा घर आरओबी के पास ही है। निर्माण कार्य से घर आने-जाने में परेशानी हो रही थी। इसलिए मैंने अब अपने परिवार के रहने की व्यवस्था अपने दूसरे घर में कर ली है। - अनिल सिंघवानी
- आरओबी के अक्तूबर में शुरू होने की उम्मीद थी लेकिन हाइड्रा पलटने से फिर काम अधर में लटकता नजर आ रहा है। मैं इस संबंध में दो बार सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा चुका हूं। - मोहित अग्रवाल
- आरओबी के निर्माण में देरी होने के कारण मेेरा सलून का काम बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बीते पांच साल में ग्राहक दुकान पर 50 फीसदी ही पहुंच पा रहे हैं। आर्थिक संकट आने लगा है। - शकील अहमद
- निर्माणाधीन आरओबी ने तो शहर को दो हिस्सों में बांट दिया है। अब तो बाजपुर रोड के अधिकतर लोग मुख्य बाजार में खरीदारी करने कम ही पहुंच रहे हैं। कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। - निखिल सेतिया
कार्यदायी ठेकेदार कंपनी आरओबी का निर्माण नियमानुसार कर रही है। रेलवे विभाग अगर कह रहा है कि ठेकेदार कंपनी ने अनुमति नहीं ली तो यह गलत है। इतने बड़े प्रोजेक्ट पर जो भी निर्माण कार्य हो रहा है। वह संबंधित विभागीय अधिकारियों की अनुमति से ही हो रहा है। पांच साल पहले लागत 56 करोड़ है उसी में काम हो रहा है। उसमें कोई उतार-चढ़ाव नहीं आया है। काम में देरी तो सिस्टम की वजह से हो रही है। - जेएस मथारू, प्रोजेक्ट मैनेजर, दीपक बिल्डर्स लुधियाना।
काशीपुर के बाजपुर रोड पर निर्माणाधीन आरओबी पर कार्यदायी संस्था बिना अनुमति के कार्य रही थी। बीते दिन हुई घटना से एक बड़ा हादसा होने बच गया है। मामले में जांच कराई जा रही है। - रेखा यादव, डीआरएम, मंडल इज्जतनगर बरेली।
काम अब कब पूरा होगा पता नहीं
काशीपुर। एनएच के अपर सहायक अभियंता कमर आलम ने बताया कि रेलवे क्रासिंग के ऊपर बने स्टील स्ट्रक्चर को आरडीएसओ की जांच रिपोर्ट व अनुमति मिलने के बाद ही जोड़ने का काम शुरू कराया जाएगा। गोरखपुर से आई तकनीकी टीम ने जांच रिपोर्ट लगभग एक सप्ताह पहले लखनऊ भेज दी है। उसके बाद टीम निरीक्षण करने पर अनुमति देगी। आरओबी का निर्माण पूरा होने में कितना समय और लगेगा यह नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि अब जो भी काम होगा वह जांच रिपोर्ट और अनुमति मिलने के बाद होगा।
काशीपुर के बाजपुर रोड पर रेलवे क्रांसिंग के ऊपर निर्माणाधीन आरओबी व गुजरती ट्रेन संचालित विद्यु