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Uttarakhand News: खटीमा में एक्सप्रेस ट्रेन को बेपटरी करने की साजिश, लोको पायलेट की सूझबूझ से बचा बड़ा हादसा

Mon, 14 Oct 2024 05:21 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, खटीमा

सार

खटीमा में सोमवार को देहरादून से टनकपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन को बेपटरी करने की साजिश की गई। शातिरों ने अमाऊं क्षेत्र में रेलवे पटरी पर आठ फुट लंबी अंडर ग्राउंड केबल रखी थी, लेकिन ट्रेन के लोको पायलट की जूझबूझ से साजिश नाकाम हो गई।
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खटीमा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र खटीमा में सोमवार को देहरादून से टनकपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन को बेपटरी करने की साजिश की गई। शातिरों ने अमाऊं क्षेत्र में रेलवे पटरी पर आठ फुट लंबी अंडर ग्राउंड केबल रखी थी, लेकिन ट्रेन के लोको पायलट की जूझबूझ से साजिश नाकाम हो गई। लोको पायलट के इमरजेंसी ब्रेक लगाने से बड़ी दुर्घटना टल गई। इस दौरान ट्रेन करीब 15 मिनट मौके पर खड़ी रही। घटना के बाद पुलिस, आरपीएफ व जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

सोमवार तड़के करीब तीन बजकर 25 मिनट पर देहरादून-टनकपुर साप्ताहिक ट्रेन खटीमा रेलवे स्टेशन से होते हुए टनकपुर (चंपावत) जा रही थी। खटीमा रेलवे स्टेशन से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अमाऊं क्षेत्र में खटीमा व बनबसा रेलवे स्टेशन के मध्य रेल पटरी पर लोको पायलट को कोई वस्तु पड़ी दिखाई दी। इस पर लोको पायलट ने सतर्कता दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दी। लोको पायलट ने ट्रेन से उतरकर देखा तो वहां पर बिजली का एक मोटा केबल था, जिसे कब्जे में लिया गया।

पटरी पर करीब आठ फुट लंबा और 300 वर्ग एमएम का 11000 केवी का केबल मिलने से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। यात्री ट्रेन से उतरकर केबल को देखने लगे। इस दौरान करीब 15 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। सूचना मिलने पर पुलिस, एलआईयू और पीलीभीत (यूपी) से आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। दिनभर पुलिस, आरपीएफ व विभिन्न जाचं एजेंसियां जांच में जुटी रहीं, लेकिन कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं। केबल के बारे में ऊर्जा निगम के अधिकारियों से भी जानकारी प्राप्त की गई। कोतवाल मनोहर सिंह दसौनी ने बताया कि आरपीएफ की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।

देहरादून-टनकपुर एक्सप्रेस सुबह खटीमा रेलवे स्टेशन पर कुछ देर रुककर टनकपुर जा रही थी। खटीमा रेलवे स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर पहुंचकर रेलवे ट्रैक पर बिजली का मोटा केबल पड़ा मिला। लोको पायलट की नजर पड़ने पर उसने ट्रेन को रुकवा दिया था। आरपीएफ और पुलिस मामले की जांच कर रही हैं।

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 -कौशल कुमार, स्टेशन अधीक्षक, खटीमा

बरामद अंडर ग्राउंड केबल पुराना मालूम पड़ रहा है। इसकी लंबाई करीब आठ फुट और चौड़ाई 300 वर्ग एमएम है। यह एचटी लाइन का केबल है। वर्तमान में खटीमा में कहीं भी अंडर ग्राउंड केबल बिछाने का कार्य नहीं चल रहा है।
- अंबिका यादव, एसडीओ, ऊर्जा निगम

सोमवार सुबह अमाऊं क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर बिजली का केबिल पड़ा हुआ मिला। यदि ट्रेन ट्रैक पर रखे इस केबल से गुरजती तो दुर्घटना हो सकती थी। बिजली के केबल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। कुछ लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। आरपीएफ की ओर से दी गई तहरीर के आधार रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।

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- विमल रावत, सीओ खटीमा

रेल पटरियों पर नशेड़ियों का आतंक
खटीमा रेलवे स्टेशन के निकट तिलक नगर से लेकर अमाऊं क्षेत्र तक रेलवे की पटरियों पर नशेड़ियों का आतंक है। तिलक नगर के पास रेलवे पटरियों पर खुलेआम कच्ची शराब बेची जा रही है लेकिन आबकारी विभाग और पुलिस की गश्त न होने के कारण नशेड़ियों का आतंक बढ़ता जा रहा है।

सूत्राें के अनुसार, सोमवार सुबह रेल पटरी पर मिला बिजली का मोटा केबल रखने में किसी नशेड़ी का हाथ हो सकता है, या फिर किसी ने नशेड़ियों से पटरी पर केबल रखवाई हो। हालांकि पुलिस ने आशंका व्यक्त की है कि केबल भारी होने के कारण नशेड़ी उसे उठा न पा रहे हों और उन्होंने केबल को दो या तीन हिस्सों में काटने के लिए पटरी पर रख दिया हो, हालांकि यह जांच का विषय है। बरामद केबल बिजली की एचटी लाइन में इस्तेमाल होने वाला विद्युत तार है। 

घटना के शीघ्र खुलासे की मांग
रेल पटरी पर केबल मिलने की सूचना पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर पुलिस से इस घटना के शीघ्र खुलासे की मांग की। उन्होंने कहा कि शीघ्र इस स्थिति को स्पष्ट किया जाए कि आखिर क्यों और किसने रेल पटरी पर मोटी केबल रखी थी। इस दौरान हिमांशु भट्ट, सतीश भट्ट, गोपाल बोरा, जीवन धामी, भवानी भंडारी, अभय शर्मा, विवेक आदि थे। 

घटना के समय खटीमा में ही थे मुख्यमंत्री
रेल पटरी पर केबल मिलने की घटना के समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपने कालापुल स्थित आवास पर ही थे। रविवार शाम वह किच्छा में कार्यक्रम के बाद सीधे अपने गृहक्षेत्र खटीमा पहुंचे थे। सोमवार सुबह लोहियाहेड कैंप कार्यालय में जनता की समस्याएं सुनने के बाद वह देहरादून रवाना हो गए। 

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