रुद्रपुर। जिले की सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे ओवरलोडेड डंपरों पर लगाम नहीं होने से खफा किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्हाेंने पुलिस पर डंपरों से आर्थिक फायदा लेने का आरोप लगाया। कहा कि सांकेतिक धरने से शुरू लड़ाई जोरदार ढंग से लड़ी जाएगी और विधानसभा में मुद्दा उठाया जाएगा।
शनिवार की सुबह 11 बजे विधायक बेहड़ पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार कार्यकर्ताओं के साथ बैनरों के साथ पुलिस कार्यालय गेट पर धरने पर बैठे। उन्होंने कहा कि सड़कों पर दौड़ते ओवरलोडेड डंपर लगातार लोगों की जान ले रहे हैं। पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। वे विधानसभा सत्र में ओवरलोडिंग का मुद्दा उठाते रहे हैं। आरोप लगाया कि जिला पुलिस ओवरलोडिंग को संरक्षण देती है और वसूली करती है। उन्होंने तहसील दिवस में डीएम के समक्ष मुद्दा उठाया था लेकिन फिर भी ओवरलोडिंग बदस्तूर जारी है।
डंपर से जान गंवाने वालाें को मुआवजा भी नहीं मिलता है। डंपरों पर न तो नंबर प्लेट हैं और न ही इन वाहनों का बीमा रहता है। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
अवैध खनन का विरोध करने पर किसानों पर केस हो रहे हैं। एसएसपी को धरना स्थल पर आकर जनप्रतिनिधियों से बात करनी चाहिए थी, लेकिन उनके धरने पर गेट ही बंद कर दिया गया। कहा कि भाजपा की सरकार में उनकी पार्टी के जनप्रतिनिधि तो बेचारे हैं।
लेकिन वे लड़ाई लड़ेंगे और अगली लड़ाई इससे बड़ी होगी। वहां पर पूर्व विधायक नारायण पाल, प्रेमानंद महाजन, किच्छा नगर पालिका के निवर्तमान अध्यक्ष दर्शन कोली, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा, सरवरयार खान, परिमल राय, मोहन खेड़ा, सतपाल गाबा, पवन गाबा, दिनेश पंत, सुनीता कश्यप, हरीश अरोरा, विक्रमजीत सिंह सहित अनेक मौजूद रहे।