रुद्रपुर में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने पर कांग्रेसी भड़क गए। एसएसपी कार्यालय पहुंचे कांग्रेसियों ने धरना देते हुए नारेबाजी कर प्राथमिकी वापस लेने की मांग की। अंदर घुसने की कोशिश पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया जिस पर पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हो गई। यह हाई वोल्टेज ड्रामा करीब तीन घंटे तक चला। मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ठुकराल के आवास पर देर रात बड़ी संख्या में पहुंचकर दबिश दी। दो बार विधायक रह चुके ठुकराल को अपराधी के जैसे देखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नौ घंटे तक जब भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करते रहे तो आखिर विधायक या अन्य किसी भाजपा नेता पर प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई। अपराधियों पर प्राथमिकी दर्ज करने में पुलिस हफ्ते लगा देती है और भाजपा के कहने पर पूर्व विधायक ठुकराल पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी गई। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक के खिलाफ राजनीतिक दबाव में प्राथमिकी दर्ज की गई। कमिश्नर के सामने हुए हंगामे के बाद ठुकराल ने भी पुलिस को तहरीर दी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इधर, धरने के दौरान किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, नगर अध्यक्ष ममता रानी, संजय ठुकराल, सुमित्तर भुल्लर, मोहन खेड़ा समेत अन्य कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। ठुकराल पर आधी रात को दर्ज हुई प्राथमिकी सहायक निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र अधिकारी की शिकायत पर कोतवाली पंतनगर पुलिस ने सोमवार देर रात पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल पर सरकारी कार्य में बाधा डालने की प्राथमिकी दर्ज की। हालांकि, पूर्व विधायक ठुकराल ने भी सिडकुल पुलिस को तहरीर सौंपी थी लेकिन पुलिस उसकी फिलहाल जांच कर रही है। एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि मामले में धारा 41 का नोटिस दिया गया है। इसमें गिरफ्तारी का कोई प्रावधान नहीं है। सीओ भूपेंद्र सिंह धौनी को विवेचना सौंपी है कि आखिर रात में पुलिस टीम नोटिस देने क्यों गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी न होने के आश्वासन पर माने कांग्रेसी, धरना समाप्त विधायक तिलक राज बेहड़ और अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद एसएसपी अजय गणपति ने आश्वासन दिया कि जिस धारा में प्राथमिकी हुई है। उसमें गिरफ्तारी नहीं की जाएगी और सिर्फ नोटिस दिया गया है। एसएसपी के इस आश्वासन के बाद कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से धरना समाप्त करने को कहा। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि जांच में पक्षपात हुआ तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। तीसरी बार जाकर माने विधायक बेहड़ प्रदर्शन के दौरान विधायक तिलक राज बेहड़, जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, महानगर अध्यक्ष ममता रानी समेत कुछ कांग्रेसी पुलिस कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस प्रशासन ने उन्हें बातचीत कर मनाने का प्रयास किया लेकिन बेहड़ तत्काल जवाब और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। सीओ और एसपी सिटी ने उन्हें अंदर एसएसपी से बातचीत करने की बात कही जिस पर बेहड़ ने साफ शब्दों में कहा कि एसएसपी खुद बाहर आएं तभी कोई बात होगी लेकिन सीओ के मनाने के बाद वह वार्ता के लिए अंदर चले गए। रोड पर वाहन खड़ा कर पैदल कार्यालय पहुंचे कप्तान एसएसपी कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ और प्रदर्शन को देखते हुए एसएसपी का वाहन बाहर ही रोक दिया गया। इसके बाद वह पैदल कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में पहुंचने के बाद एसएसपी ने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। वहीं कांग्रेसियों के कार्यालय पहुंचने के बाद पुलिस-प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई। कार्यालय के मुख्य द्वार पर कार्यकर्ताओं की भीड़ एकत्र होने पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। कार्यकर्ताओं के अंदर जाने के प्रयास से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और कांग्रेसियों के बीच धक्का-मुक्की के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और पूरा परिसर में छावनी में बदला गया। अंदर वार्ता और बाहर हंगामा एसएसपी कार्यालय के अंदर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर रहा था लेकिन बाहर कार्यकर्ताओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा था। कार्यकर्ता कार्यालय परिसर में जाने की जिद पर अड़े थे। मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। इसके बाद कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चहारदीवारी की टूटी दीवार की ओर से परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया।कांग्रेसियों ने पुलिस पर लाठियां फटकारने का आरोप भी लगाया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे पूर्व विधायक पर दर्ज प्राथमिकी के विरोध में एसएसपी से मिलने पहुंचे थे लेकिन उन्हें कार्यालय के अंदर जाने से रोक दिया गया। बैरिकेडिंग के पास कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस बढ़ने के बाद स्थिति बिगड़ी। पुलिस ने उन्हें पीछे हटाने के लिए लाठियां फटकारीं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार पर हमला बताया। दूसरी बार की झपड़ में नीचे गिरा सिपाही दूसरी बार जब कांग्रेसियों ने एसएसपी कार्यालय में घुसने की कोशिश की तो इसी दौरान फिर से झपड़ हो गई और इसी बीच एक सिपाही प्रदर्शकारियों को रोकने के दौरान नीचे गिर गया। हालांकि, अन्य साथियों ने उसे उठा लिया, लेकिन इस दौरान हड़कंप और गरमागर्मी का माहौल बन गया। पुलिस से खुले तौर पर वार्ता हुई है। पुलिस का कहना है कि रात में दबिश नहीं बल्कि धारा 41 का नोटिस तामील कराने टीम गई थी। रात में जाने के कारणों की जांच का आश्वासन मिला है। ठुकराल की गिरफ्तारी नहीं हुई है। प्राथमिकी दबाव में दर्ज हुई, इसकी निष्पक्ष जांच हो। राजकुमार ठुकराल की तहरीर पर भी 14 दिन में कार्रवाई का भरोसा मिला है। - तिलकराज बेहड़, विधायक किच्छा प्राथमिकी के बाद आधी रात सायरन बजाते हुए ठुकराल के घर पहुंची पुलिस की गाड़ियां एलायंस कॉलोनी में सोमवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आधी रात सायरन बजाते हुए पुलिस ठुकराल के घर के आसपास पहुंची। ठुकराल के समर्थकों का आरोप है कि ठुकराल को गिरफ्तार करने के लिए टीम आई थी लेकिन पूर्व विधायक उन्हें नहीं मिले। आरोप है कि उस समय पूर्व विधायक की पत्नी घर में अकेली थीं और जब पुलिस पहुंची तो वह काफी डर गई थीं। पुलिस करीब आठ वाहन के साथ उनके घर पहुंची थी। पूर्व विधायक के न मिलने पर पुलिस की टीम लौट आई। इस दावे को लेकर भी कांग्रेस ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव के तहत कार्रवाई करने के आरोप लगाए। ठुकराल की तहरीर पर होगी जांच के बाद कार्रवाई पूर्व विधायक की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर पर भी कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी के सामने सवाल उठाए। उनका कहना था कि कलक्ट्रेट में हुए विवाद में दोनों पक्षों की शिकायतें सामने आई हैं इसलिए कार्रवाई भी दोनों पक्षों को ध्यान में रखकर होनी चाहिए। एसएसपी ने बताया कि ठुकराल की ओर से दी गई तहरीर को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जानकारी जुटाएगी। प्राथमिकी के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे : बेहड़ किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने पूर्व विधायक के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कार्रवाई को केवल रुद्रपुर तक सीमित नहीं रखेगी। जरूरत पड़ी तो मामले को कानूनी स्तर पर चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। पुलिस ने 40 बार घंटी बजाई, आठ गाड़ियों से दी दबिश : ठुकराल हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, ये कत्ल करके भी बदनाम नहीं होते। इस शायराना अंदाज के साथ पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने विधायक शिव अरोरा और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रात के 1:30 बजे पुलिस ने आठ गाड़ियों से उनके घर पर दबिश दी। पूरे एलायंस सिटी में भय का माहौल पैदा किया। उनके घर की 40 बार घंटी बजाई गई। वह पुलिस से डरने वाले नहीं है। अगर जेल भी चले गए तो जमानत पर बाहर आ जाएंगे लेकिन जो गलत बोलेगा उसे उसी हिसाब से जवाब दिया जाएगा। मुझे पता नहीं था कि बैठक में जनप्रतिनिधियों को बुलाया है : जिलाध्यक्ष बीते सोमवार को किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने अपनी पार्टी के जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा पर एसआईआर बैठक की सूचना नहीं देने का आरोप लगाया था। जिलाध्यक्ष गावा ने इसका जवाब दिया है। उनका कहना है कि एसआईआर की बैठकों की सूचना जिला निर्वाचन कार्यालय से जिलाध्यक्ष और पार्टी के नामित बीएलए टू के पास आती है। यह सूचना सभी के पास आई थी। उन्हें पता नहीं था कि बैठक में जनप्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है। यदि पता होता तो सभी पार्टी नेताओं को इसकी सूचना जरूर दे देते। पूर्व विधायक ठुकराल पर प्राथमिकी दर्ज करना मनमानी पूर्व विधायक ठुकराल पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर महानगर कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष अलका पाल ने आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्राथमिकी भाजपा के दबाव में दर्ज की गई है। अलका ने कहा कि भाजपा सरकार में लोकतंत्र में जनहित की बात करना भी अब गुनाह हो गया है। कुमाऊं कमिश्नर के सामने पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल एसआईआर के मुद्दे पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे थे। ऐसे में स्थानीय भाजपा विधायक और अन्य को उन्हें आपत्ति दर्ज करने से रोकने की क्या जरूरत थी। आपत्ति दर्ज कराना संवैधानिक अधिकार है। कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती है। संवाद ये पढ़ें- कमिश्नर की बैठक में बखेड़ा: विधायक अरोरा और ठुकराल में जमकर तकरार, हंगामे के बाद बैठक टली; जानें पूरा मामला