काशीपुर। एसआईआर में विसंगतियों और आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया।
महानगर कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष अलका पाल के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। अलका ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के इशारे पर स्थानीय प्रशासन एसआईआर की विसंगतियों और आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही बरत रहा है। प्रशासनिक अधिकारी किसी भी सवाल का जवाब देने को तैयार नहीं हैं। आखिर कौन से कारण हैं कि एसआईआर के निस्तारण में स्थानीय प्रशासन ढुलमुल रवैया अपनाए हुए है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक अधिकारी दूसरे पर टालमटोल कर मतदाताओं को सुनियोजित रणनीति के तहत मतदान से वंचित करने कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि स्थानीय प्रशासन भाजपा की इकाई बनकर काम कर रहा है। धरना देने वालों में पूर्व महानगर अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन, संदीप सहगल, अरुण चौहान, जितेंद्र सरस्वती, इंदु मान, शमीम सैफी, संजीव शर्मा, विनोद होंडा, सादिक इकबाल आदि कार्यकर्ता थे।
बारिश में भी एसआईआर नोटिस का जवाब देने पहुंचे लोग
काशीपुर। कस्तूबरा बाई राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान जारी किए गए नोटिस का जवाब देने के लिए मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बारिश के बावजूद लोग अपने पक्ष में वैध दस्तावेज लेकर विद्यालय पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्तियां एवं समस्याएं रखीं। विद्यालय में पहुंचने वाले लोगों की समस्याओं को तहसीलदार पंकज चंदोला ने सुना। उन्होंने संबंधित लोगों से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा और दस्तावेजों की जांच के आधार पर उनकी समस्याओं का समाधान किया।
बाजपुर में भी आपत्तियों पर हुई सुनवाई
बाजपुर। तहसील सभागार में मंगलवार को एसआईआर के तहत दर्ज आपत्तियों पर सुनवाई की गई। इस दौरान पर्यवेक्षक आईएएस जय किशन ने तहसील पहुंचकर निरीक्षण किया और आपत्तियों का निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। एसडीएम ऋचा सिंह और तहसीलदार प्रताप चौहान के निर्देशन में करीब 330 आपत्तियों की बिंदुवार सुनवाई की गई। अधिकारियों ने सभी पक्षकारों के दावे सुने और संबंधित दस्तावेज जमा कराए। सुनवाई के दौरान कुछ लोगों के बीच तकरार भी हुई जिन्हें अधिकारियों ने समझाकर शांत कराया। एसडीएम ऋचा सिंह ने नागरिकों को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।