काशीपुर। राधेहरि महाविद्यालय में मंगलवार को सुधार परीक्षा में सबसे अधिक 1460 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षार्थी अधिक होने पर नजदीक में स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के 10 कमरे खुलवाए गए जहां विद्यार्थियों ने बैठकर परीक्षा दी। वहीं 167 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
सुबह 9 से 12 बजे तक बीए प्रथम सेमेस्टर इनवेंट्री मैनेजमेंट विषय की सुधार परीक्षा हुई। इसमें 1627 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें पिछले साल के 148 विद्यार्थी भी शामिल है। परीक्षा के लिए 36 कक्ष की आवश्यकता पड़ी।
महाविद्यालय में मुख्य भवन, पीजी ब्लॉक समेत 26 कक्ष में परीक्षार्थी पेपर देने के लिए पहुंचे लेकिन जगह कम होने पर पास में स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के 10 कमरे खुलवाने पड़े जहां विद्यार्थियों ने बैठकर परीक्षा दी। इसमें एक-एक छात्र गणित और वनस्पति विज्ञान का भी शामिल है।
पहली बार इतने परीक्षार्थियों के सुधार परीक्षा में शामिल होने से महाविद्यालय प्रशासन के पसीने छूट गए। हालांकि कोई भी छात्र अनुचित कार्य करते नहीं पकड़ा जा सका। इस दौरान पंजीकृत विद्यार्थियों में से 1460 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 167 अनुपस्थित रहे।
आंतरिक उड़नदस्ता में डॉ. मुकेश जोशी, डॉ. एमके सिन्हा, डॉ. अनुराग अग्रवाल, डॉ. सविता पांडे, डॉ. केके शामिल रहे।
बीए प्रथम सेमेस्टर इन्वेंटरी मैनेजमेंट इम्प्रूवमेंट परीक्षा में 1627 में से 167 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित रहे। परीक्षा 36 कमरों में हुईं। महाविद्यालय के 26 और स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज के 10 कक्ष में बैठकर विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा कराने के लिए विवेकानंद स्कूल की छुट्टी करनी पड़ी है। कॉलेज में यह अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा हुई है। - डॉ. सुभाष चंद्र कुशवाहा, परीक्षा प्रभारी, राधेहरि पीजी कॉलेज काशीपुर