रुद्रपुर कलक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास का क्षेत्र शनिवार को सियासी रणक्षेत्र में बदल गया। कांग्रेस के बाद भाजपा ने कूच का ऐलान कर पुलिस के हाथ-पांव फुला दिए। भाजपाई पुतला फूंककर जहां एक घंटे बाद लौट गए। वहीं करीब साढ़े तीन घंटे तक चले हाईवोल्टेज हंगामे में कांग्रेसियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। बैरिकेड पर कांग्रेसियों को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा।
कलक्ट्रेट में प्रवेश के लिए कांग्रेसी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और उसे पार करने की कोशिश की। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। हंगामे के दौरान पूर्व विधायक नारायण पाल, सुमित्तर भुल्लर समेत कई कार्यकर्ता घायल हो गए। पाल को उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया जहां सिटी स्कैन समेत उनकी कई जांचें हुईं। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने बैरिकेडिंग पर चढ़े कई कार्यकर्ताओं को जबरन नीचे धकेला और बल प्रयोग किया। इससे किसी के सिर तो किसी के हाथ पर हल्की चोट आई। वहीं एक कार्यकर्ता के कपड़े तक फट गए। इससे कुछ देर के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए।
सीओ विभव सैनी समेत कई पुलिसकर्मियों को लगी चोट
काले कपड़े पहनकर जताया विरोध
कई महिला कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता काले कपड़े पहनकर कलक्ट्रेट पहुंची। कहा कि काले कपड़ों के जरिये सरकार की नीतियों और कथित जातिगत भेदभाव के खिलाफ उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया है और काला रंग उनके आक्रोश और विरोध का प्रतीक है।
बेहोश होकर जमीन पर गिरे ठुकराल
दो प्रदर्शन से फूले पुलिस के हाथ-पांव, बैरिकेड से रोके रास्ते
एक ही दिन में दो बड़े प्रदर्शनों के चलते पुलिस-प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कलक्ट्रेट की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवागमन नियंत्रित किया गया। भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों को रोकने के साथ आम लोगों की आवाजाही बनाए रखना भी पुलिस के लिए चुनौती बना रहा।
500 से ज्यादा कार्यकर्ता जुटा कांग्रेस ने किया शक्ति प्रदर्शन
कलक्ट्रेट घेराव में 500 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जुटने से पार्टी ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। कुमाऊं के अलग-अलग क्षेत्रों से नेता और कार्यकर्ता रुद्रपुर पहुंचे। कार्यकर्ताओं की भीड़ ने पूरे प्रदर्शन को बड़ा राजनीतिक रूप दे दिया। नारेबाजी और विरोध के बीच कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया।
बैरिकेड से हटाने की कोशिश पर पुलिस से भिड़ीं महिला नेता
कलक्ट्रेट के बाहर बैरिकेडिंग से महिला कार्यकर्ताओं को हटाने के दौरान पुलिस और महिला नेताओं के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई। महिला नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और बैरिकेडिंग के सामने डटी रहीं। उन्हें पीछे करने के प्रयास के दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
रास्ते बंद होने से वापस लौटे काम को आए लोग
घेराव के चलते आसपास के कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित रही। कामकाज के सिलसिले में कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों को बैरिकेडिंग के कारण प्रवेश नहीं मिल सका। रास्ते बंद होने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने से कई लोग वापस लौट गए। कुछ लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।