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सीएमओ साहब! कोरोना जांच के लिए काटने पड़ रहे चक्कर

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रुद्रपुर। कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर सैंपल देने से लेकर जांच रिपोर्ट प्राप्त करने तक लोगों को डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं। समय पर कोरोना रिपोर्ट न मिलने से कई लोग कंपनियों में ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर पा रहे हैं तो कुछ लोग रिपोर्ट के इंतजार में इंटरव्यू न दे पाने से नौकरी गंवा रहे हैं।
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सोमवार को जिला अस्पताल व निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के फ्लू क्लीनिक में सैंपल देने व कोरोना जांच की रिपोर्ट लेने पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं बताईं। कई लोगों का कहना था कि सैंपल देने के एक सप्ताह बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली है। कुछ लोगों कहना था कि आरटीपीसीआर के लिए कराया गया उनका पंजीकरण निरस्त हो गया है। इस कारण उन्हें दोबारा सैंपल देना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना जांच व रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए लाइन में लगे लोगों से सामाजिक दूरी के नियमों का पालन भी नहीं कराया जा रहा है।
कोविड 19 के जिला नोडल अधिकारी डॉ. हरेंद्र मलिक ने कहा कि जिले में जो भी आरटीपीसीआर की जांच के लिए आ रहा है उनकी सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है।
- मैं आरटीपीसीआर जांच के लिए दोबारा पंजीकरण करवा चुका हूं। पहली बार पंजीकरण निरस्त हो गया था, लेकिन किसी ने सूचना नहीं दी। इसके बाद दोबारा पंजीकरण करवाया। लेकिन एक सप्ताह से रिपोर्ट नहीं मिली है। - किशन पाल
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- कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही कंपनी में ड्यूटी मिल रही है। लेकिन आरटीपीसीआर की रिपोर्ट एक सप्ताह में आ रही है। स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही के लिए हम लोग डीएम को ज्ञापन सौंप रहे हैं। - हिमांशु
- स्वास्थ्य विभाग लोगों को आरटीपीसीआर जांच की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहा है। जिस कारण लोग सैंपल देने के लिए भटक रहे हैं। मैंने तीन दिन पहले सैंपल दिया था, जिसकी अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। - उमा शंकर
- जिला अस्पताल में कोरोना जांच के दौरान ट्रांसजेंडर के लिए किसी प्रकार की सुविधा नहीं है। उन्हें लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है, जबकि नियमानुसार उनके लिए तीसरी लाइन लगवानी चाहिए। - सोनम
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