उत्तराखंड जन आवास योजना का शुभारंभ करने पहुंचे सीएम हरीश रावत ने अपने राजनीतिक तरकश के तीर चलाकर लोगों को कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने का खुले मंच से इशारा किया। जहां कार्यक्रम में कांग्रेस के कई बड़े पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार की नोटबंदी को लोगों की परेशानी रखते हुए निशाना बनाया वहीं सीएम रावत ने भी केंद्र को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
सीएम हरीश रावत मलिन बस्तियों में सुधार करने के बहाने क्षेत्र की जनता से चुनाव में जिताने का इशारा करते नजर आए। सीएम का कहना था कि मलिन बस्तियों के सुधारीकरण के लिए पांच वर्षों की चरणबद्ध योजना बनाई गई है। इन पांच वर्षों में हर गरीब के घर के सपने को वह पूरा करेंगे। इससे उन्होंने आने वाले चुनावों में कांग्रेस को जिताने की अपील भी कर दी।
यशपाल का यशगान, बेहड़ का गुणगान करते रहे सीएम
काशीपुर बाइपास स्थित नजूल भूमि पर जनआवास योजना का शुभारंभ करने पहुंचे सीएम हरीश रावत अपने आधे घंटे के उद्बोधन में काबीना मंत्री यशपाल आर्य का यशगान और पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ का गुणगान करते रहे। सीएम का कहना था काबीना मंत्री यशपाल आर्य ने अपने क्षेत्र में किए विकास कार्यों से तराई का कर्ज अदा किया है और राज्य सरकार द्वारा चलाई गई किसी भी योजना के सफल क्रियान्वयन का श्रेय उन्हें जाता है। पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ के लिए सीएम का कहना था कि बेहड़ हर असंभव काम संभव करना जानते हैं, इसके लिए उनके माथे पर काम का तिलक लगाया जाता है।
दिल्ली वाले बम से तो देहरादून वाले डरा रहे हैं तमंचे से
जनआवास योजना का शुभारंभ करने पहुंचे सीएम हरीश रावत ने खुद को उस किसान की संज्ञा दी जिसे अपनी पकी हुई फसल की रक्षा करने के साथ ही खुद की सुरक्षा करना भी आवश्यक होता है। रावत का कहना था इन पांच सालों में उन्होंने अच्छी खेती कर भरपूर फसल तैयार की है लेकिन जब फसल काटने का समय आया तो दिल्ली वाले उन्हें बम से तो देहरादून वाले तमंचों से डरा रहे हैं। कई और लोग भी है जो नहीं चाहते कि हरीश रावत रहे।
नामों की पूरी लिस्ट पढ़ गए सीएम
जनआवास योजना का शुभारंभ करने पहुंचे सीएम ने मंच पर पहुंचने के बाद मंच से मिली सूची में शामिल हर कार्यकर्ता का नाम पढ़ा। इसे सुनकर पांडाल में बैठे लोगों का कहना था कि कांग्रेस के कार्यकर्ता जल्द नाराज हो जाते हैं और चुनावों के नजदीक होने के कारण सीएम किसी को नाराज नहीं करना चाहते। इसके चलते उन्होंने किसी भी कार्यकर्ता का नाम नहीं छोड़ा।