देहरादून से हल्द्वानी जा रहे मुख्यमंत्री हरीश रावत का हेलीकाप्टर अचानक रुद्रपुर में उतर पड़ा। हेलीकाप्टर से उतरते ही सीएम ने कलक्ट्रेट पहुंचकर छापा मारा। जहां पर एडीएम (नजूल) आशीष भटगईं को छोड़कर अन्य अधिकारी गायब मिले। सूचना पर डीएम, एसएसपी सहित अन्य अधिकारी हांफते-हांफते पहुंचे।
मुख्यमंत्री हरीश रावत के हेलीकॉप्टर ने बुधवार को पुलिस लाइन में सुबह के 10.10 बजे लैंड किया। इसके बाद मुख्यमंत्री रावत सीधा कलक्ट्रेट पहुंचे। सबसे पहले वह जिलाधिकारी कक्ष में पहुंचे। जहां पर जिलाधिकारी नहीं मिले। इसके बाद वह एडीएम (वित्त) के दफ्तर में पहुंचे, तो वह भी गायब थीं। आगे बढ़े तो एडीएम (नजूल) आशीष भटगईं अपने दफ्तर में मौजूद थे। सीएम रावत ने एडीएम भटगईं से नजूल की जानकारी ली और काम के प्रति सजग रहने के लिए उनकी पीठ थपथपाई। तत्पश्चात सीएम शस्त्र लाइसेंस कक्ष पहुंचे। जहां पर उन्होंने शस्त्र लाइसेंस रजिस्टर को चेक किया। जिसमें लाइसेंस नहीं बनने के कारण का जिक्र नहीं था। इस बीच डीएम व एसएसपी सहित अन्य अधिकारी भी पहुंच गए। इस पर सीएम रावत ने जिलाधिकारी से कहा, शस्त्र लाइसेंस न देने के कारण का भी उल्लेख होना चाहिए और आगे बढ़े तो एसडीएम विजय कुमार जोगदंडे अपने दफ्तर में नहीं मिले। पूछताछ की तो मालूम हुआ वे फील्ड में हैं। फिर सीएम रावत ने विनियमित दफ्तर में मानचित्र रजिस्टर को चेक किया तो पुराना रजिस्टर गायब मिला। वर्ष 2015 में कितने लोगों के भवन का नक्शा स्वीकृत किया गया था, इसकी जानकारी उन्हें मिल सकी। सीएम रावत ने उपभोक्ता फोरम, संयुक्त कार्यालय, जिला सूचना कार्यालय, मनोरंजन दफ्तर शौचालय व कैंटीन का भी निरीक्षण किया। जहां पर उन्हें कुछ ठीक लगा।
सबसे ज्यादा अनियमितता उन्हें खनन विभाग में देखने को मिली। यहां पर पहुंचते ही सीएम रावत ने सबसे पहले पट्टों से संबंधित पेंडिंग लिस्ट दिखाने को कहा। जवाब मिला कि इस तरह की कोई लिस्ट ही नहीं बनी है। इस पर सीएम रावत को गुस्सा आ गया उन्होंने कहा कि जब रिकार्ड नहीं है तो कंप्यूटर दिखाने के लिए रखा है? हालांकि जिलाधिकारी डा. पंकज कुमार पांडेय ने सीएम को आश्वस्त करते हुए कहा कि आगे शिकायत का मौका नहीं मिलेगा। सीएम रावत जिला पूर्ति कार्यालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी विपिन कुमार से पूछा कि जिन लोगों के राशन कार्ड बन चुके हैं वह उन तक पहुंचे या नहीं। इसकी जानकारी कहां पर है? यह सुनकर जिला पूर्ति अधिकारी बगले झांकने लगे और कहा कि उन्होंने डाटा आनलाइन कर दिया है? सीएम रावत बोले- ठीक है आनलाइन दिखाओ। जिला पूर्ति अधिकारी कुमार बहानेबाजी करते हुए बोले, अभी डाटा फीडिंग का काम चल रहा है। इस पर सीएम बोले बहानेबाजी नहीं चलेगी। छापे के दौरान वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश, राजस्व मंत्री यशपाल आर्य, आपदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रयाग दत्त भट्ट, संसदीय सचिव फुरकान अहमद, पुष्करराज जैन, हरीश बावरा, गोल्डी मुंजाल आदि उपस्थित थे।