काशीपुर में सीएम पुष्कर सिंह धामी
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार दोपहर एक बजे काशीपुर पहुंचे। उन्होंने परिवहन विभाग की ओर से आयोजित नवनिर्मित सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय भवन एवं ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का लोकार्पण किया। साथ ही ऋषिकेश में 233.86 लाख और हरिद्वार में 75.98 लाख की लागत से बने सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय के ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का वर्चुअली लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 1013.95 लाख की धनराशि से जैतपुर-धनौरी मार्ग के निर्माण की घोषणा भी की। इस दौरान शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली सहित अन्य लोग मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कश्मीर में हुए आतंकवाद के कायराने हमले की निंदा की। साथ ही सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय काशीपुर के नवनिर्मित कार्यालय भवन एवं ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का लोकार्पण होने पर परिवहन विभाग के सभी कर्मचारी एवं क्षेत्रवासियों को बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से बने इस भवन का लोकार्पण होने से जहां एक ओर परिवहन विभाग से जुड़े कार्यों को तेज गति से पूरा किया जा सकेगा, वहीं आम जनमानस को पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से सक्षम सेवाएं भी मिलेंगी। साथ ही सात करोड़ रुपये से अधिक की लागत से काशीपुर, हरिद्वार एवं ऋषिकेश में बनाए गए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का शुभारंभ होने से न केवल ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट में पारदर्शिता आएगी बल्कि सड़क सुरक्षा में भी सुधार सुनिश्चित होगा। उन्होंने सीएसआर. के माध्यम से काशीपुर के वार्डों के लिए वाटर कूलर और निशुल्क एंबुलेंस का फ्लैग ऑफ भी किया।
सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर आधा करने का लक्ष्य
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देशभर में जहां एक ओर रोड कनेक्टिविटी को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को आधा करने के लक्ष्य पर भी कार्य किया जा रहा है। हमारी राज्य सरकार भी उत्तराखंड में न केवल शहर से लेकर गांवों तक सड़क एवं परिवहन व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है, बल्कि सड़क सुरक्षा में सुधार की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है। आज चालकों की ड्राइविंग स्किल्स को बढ़ाने और लापरवाही को कम करने के लिए जहां एक ओर कुमाऊं में आईडीटीआर का निर्माण किया जा रहा है, वहीं ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित बनाने के लिए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक्स की स्थापना भी की जा रही है।