रुद्रपुर कलक्ट्रेट में बैरिकेउ लगाकार कांग्रेरियों को रोकती पुलिस टीम।
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रुद्रपुर में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दूर-दूराज से लोग पहुंचे। कलक्ट्रेट गेट पर पुलिस व नेताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की में कई चोटिल हुए। तीन पुलिस कर्मियों को हल्की चोटें आईं। नगर निगम रुद्रपुर के पूर्व पार्षद मोहन कुमार का हाथ टूट गया। जिन्होंने अस्पताल पहुंचकर अपना उपचार कराया।
मेयर विकास शर्मा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर चुटकी ली। उनका कहना है कि प्रदेश में कांग्रेस अंकिता को न्याय दिलाने की नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक जमीन और अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही है। कांग्रेस का यह आंदोलन पीड़ित परिवार के हित में नहीं बल्कि अपनी डूबती सियासत को बचाने का प्रयास है।
शनिवार को मेयर ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक संवेदनशील और हृदयविदारक घटना को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता धरना-प्रदर्शन के माध्यम से न्याय की लड़ाई नहीं बल्कि आपसी शक्ति प्रदर्शन और अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। लगभग तीन वर्ष पूर्व अंकिता भंडारी के साथ जो दर्दनाक घटना घटी, उस पर धामी सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया और बिना किसी दबाव के सख्त कार्रवाई की। मुख्यमंत्री धामी स्वयं पीड़ित परिवार के संपर्क में रहे और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए जांच प्रक्रिया में आवश्यक परिवर्तन भी किए गए। सरकार की पारदर्शी कार्यशैली के चलते यह मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर दोषियों को सजा दी गई और वे आज सलाखों के पीछे हैं।