सितारगंज में धान के खेत में जलाई गई पराली का निरीक्षण करते एसडीएम तुषार सैनी। संवाद
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सितारगंज। धान की फसल कटने के बाद पराली जलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा हुआ है। बावजूद इसके कई किसानों ने अपने खेतों में पराली जला दी। ऐसे ही 10 किसानों को प्रशासन की ओर से चिह्नित किया गया है। एसडीएम ने चार किसानों पर दो हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक के जुर्माने की कार्रवाई की है, वहीं राजस्व उप निरीक्षक को पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ आपदा अधिनियम के तहत केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम ने रविवार को क्षेत्र में धान की फसल कटने के बाद खेतों में पराली जलाने का निरीक्षण किया। एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि परगना क्षेत्र में पराली जलाने वाले अब तक करीब 10 किसानों को चिह्नित किया गया है। इनमें चार किसानों बघौरी गांव के वीरा, हाशिम, बघौरा गांव के जगदीश राणा व खैराना गांव के रमेश सिंह के खिलाफ सार्वजनिक रूप से पराली जलाने पर दो हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक के जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
बताया कि चिह्नित सभी 10 किसानों के खिलाफ राजस्व उप निरीक्षकों को आपदा अधिनियम के तहत केस दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए सार्वजनिक रूप से पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। ऐसे में आदेशों का उल्लंघन कर पराली जलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।