सितारगंज के सिसौना गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक करते पूर्व विधायक नारायण पाल।
- फोटो : SITARGANJ
सिडकुल मार्ग पर आए दिन हो रहे हादसों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। तीन दिन पहले हादसे में घायल किसान की मौत के बाद ग्रामीणों ने बैठक कर प्रशासन को 15 दिन के भीतर खनन वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक सड़क बनाने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने जर्जर सड़क निर्माण की भी मांग उठाई। कहा कि मांगें पूरी नहीं की गईं तो 20 जनवरी को धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
बुधवार शाम करीब तीन बजे सिसौना के एक होटल में पूर्व विधायक नारायण पाल ने ग्रामीणों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि सिडकुल मार्ग पर खनन वाहनों के बढ़ते दबाव से दुर्घटनाओं की आशंका काफी ज्यादा रहती है। अत्यंत जर्जर सड़क के कारण भी हर रोज जाम लग रहा है।
कहा कि 19 जनवरी तक अगर इन वाहनों के लिए वैकल्पिक सड़क नहीं बनाई गई, सड़क हादसों की रोकथाम नहीं हुई तो ग्रामीण महिलाएं, पुरुष भारी संख्या में सड़क पर उतरेंगे और धरना प्रदर्शन के साथ ही उग्र आंदोलन भी किया जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन को लोगों की जान की परवाह नहीं है। इससे पूर्व विधायक पाल ने मृतक किसान के घर पहुंचकर शोक संवेदना जताते हुए संतप्त परिवार को ढाढ़स बंधाया। वहां महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष सोनिया चंद्रा, रंजना देवी, राजवंती देवी, बलवीर सिंह बल्ली, मोहन सनवाल, पूरन चौहान आदि थे।