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किसानों ने फूंका शिक्षा मंत्री पांडे का पुतला

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गदरपुर में शिक्षा मंत्री पांडेय का पुतला फूंकते किसान। - फोटो : RUDRAPUR
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दिल्ली जाकर कृषि कानूनों के समर्थन करने का आरोप लगाते हुए किसानों ने सूबे के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का पुतला फूंका। रविवार शाम साढ़े पांच बजे किसान एकत्र होकर भगत सिंह चौक पहुंचे। आरोप लगाया कि मंत्री फर्जी किसानों को दिल्ली ले जाकर कानूनों का समर्थन कर रहे हैं। इसके बाद अरविंद पांडेय का पुतला फूंका।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने कहा कि आकाओं को खुश करने के लिए शिक्षा मंत्री व्यापारियों को किसान बनाकर दिल्ली में समर्थन कर रहे हैं। किसानों के वोट लेकर पांडेय विधायक और मंत्री बने हैं। किसान सत्ता तक पहुंचा सकता है तो हटा भी सकता है। वहां पर किसान सेवक अजीत प्रताप सिंह रंधावा, विजेंद्र डोगरा, कुंवरजीत सिंह पूनिया, गुरमीत सिंह, राणा रणजोत, रिंकू चीमा, काका नामधारी, रेशम यादव, तनवीर अहमद आदि थे।
इधर, गदरपुर में रविवार को श्री गुरुद्वारा साहिब गुरु सिंह सभा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसान एकत्र हुए। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने कृषि कानूनों की आड़ लेकर काले कानून पारित कर देश के अन्नदाता को बंधुआ मजदूर बनाने जो षड्यंत्र रचा है, उसे सफल नहीं होने दिया जायेगा। एक ओर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर धरने पर डटे किसानों का सभी वर्ग समर्थन करते हुए सेवा में जुटे हैं, वहीं, क्षेत्रीय विधायक अरविंद पांडेय कुछ किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं को बसों में भरकर किसान आंदोलन के विरोध में दिल्ली रवाना हुए हैं।
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यह किसानों के साथ धोखाधड़ी है। आरोप है कि मंत्री अपने पद का दुरुपयोग कर कार्यकर्ताओं को किसान बता रहे हैं। वहां पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष हैप्पी विर्क, अजीत सिंह, गुरमीत सिंह, खुशजोत सिंह, शेरी संधू, रंजीत सिंह, सनमप्रीत सिंह, निशांत सिंह, सूरजपाल सिंह, बलविंदर सिंह, नरेंद्र पाल सिंह आदि थे।
फिर चर्चा में बाजपुर के 20 गांव की भूमि का मामला
बाजपुर। बाजपुर बचाओ मुहिम के संयोजक जगतार सिंह बाजवा ने रविवार को गाजीपुर सीमा पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में बाजपुर के 20 गांवों की 5838 एकड़ भूमि प्रकरण को भी उठाया। आंदोलन के दौरान बाजवा ने भूमि मामले को लेकर सांकेतिक धरना देकर बाजपुर प्रकरण में सारी किसान बिरादरी के एक होने का आह्वान किया। कहा किसी भी कीमत पर बाजपुर के किसानों, मजदूरों और व्यापारियों को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। संवाद
किसानों के साथ विश्वासघात कर रहे शिक्षा मंत्री: शिल्पी
गदरपुर। कांग्रेस नेत्री शिल्पी अरोरा ने कहा कि अरविंद पांडेय कृषि कानूनों के समर्थन में भाजपा कार्यकर्ताओं को किसान बनाकर बस से दिल्ली कृषि मंत्री से मिलने गए हैं। बाजपुुर और गदरपुर किसान बहुल क्षेत्र है। क्षेत्र की जनता ने चार बार अरविंद पांडेय को विधायक बनाया, वही आज किसानों के आंदोलन के विरोध में केंद्रीय कृषि मंत्री से मिल रहे हैं। यह साफ दर्शाता है कि मंत्री सिर्फ जनता को धोखा देने का कार्य कर रहे हैं। खुद को किसान का बेटा बताने वाले किसानों के विरोध में खड़े हैं। संवाद
काशीपुर से दिल्ली रवाना हुए किसान, महिलाएं और बच्चे
काशीपुर। दिल्ली में किसान कानून के विरोध में चल रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए रविवार को काशीपुर से 70 लोग दिल्ली को रवाना हुए। इसमें किसानों के साथ ही महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। किसान पूर्व ब्लॉक प्रमुख रवि कुमार और जागीर सिंह के नेतृत्व में रवाना हुए। वहां पर तीरथ सिंह, मेजर सिंह, सुखविंदर सिंह, लखविंदर सिंह, रामजीलाल, हरप्रीत सिंह, मलकीत सिंह, धर्म सिंह, कुलदीप सिंह, हरपाल सिंह, सत्यम शर्मा, सरफराज हुसैन, दर्शन सिंह दियोल, केशर सिंह आदि थे। संवाद
किसानों के समर्थन में आशा कार्यकर्ताओं का धरना
बाजपुर। रविवार को उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रांतीय उपाध्यक्ष रीता कश्यप की अगुवाई में कार्यकर्ता किसान आंदोलन के समर्थन में चल रहे बेटियों के धरने पर पहुंची। उन्होंने किसान बेटियों के साथ धरना दिया। कश्यप ने कहा कि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। वहां पर भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा, कुलविंदर सिंह किंदा, अजीत पाल सिंह, गुरजंट रंधावा, विक्की, अभिषेक यादव, कुलविंदर कौर, विमलेश, गुरजीत सोही, जसकिरन, प्रभजोत, अवनीत कौर आदि थे। संवाद
किसानों को जागरूक करेगा भाजपा किसान मोर्चा
किच्छा। भाजपा किसान मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौहान ने मंडी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि किसानों को कृषि कानून से किसी तरह का डर नही है। डर उन लोगों को है जिनकी राजनैतिक जमीन खिसक रही है। यही कारण है कि राजनैतिक जमीन बचाने के किसानों को मोहरा बनाया जा रहा है। कानून से देश के अन्नदाताओं को बिचौलियों से आजादी मिलेगी। अपनी उपज को कहीं भी बेचने का हक मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 14 से 16 दिसंबर तक किसानों को इसके लिए जागरूक किया जाएगा। वहां पर मंडी समिति सभापति कमलेंद्र सेमवाल आदि थे।
दिल्ली जा रहे खटीमा के किसानों को किच्छा से लौटाया
किच्छा। खटीमा के ग्राम पुरनापुर से ट्रैक्टर ट्राली पर दिल्ली जा रहे किसानों के जत्थे को पुलिस ने टोल से लौटा दिया। कोतवाल चंद्र मोहन सिंह ने बताया कि रविवार सुबह खटीमा से दिल्ली के लिये रवाना हुई 15 किसानों से भरी ट्रॉलियों की सूचना मिली तो ग्राम चुकटी देवरिया पर उन्हे रोक दिया गया। उन्होने बताया कि किसान दिल्ली जाने की जिद कर रहे थे। समझाने पर वह लोग लौट गये। किसानों ने बताया कि अब वे लोग सोमवार सुबह खटीमा के एसडीएम से मिलकर अपना विरोध जतायेगें। वहां पर दिलबाग सिंह, गुरदेव सिंह, जोगेंद्र सिंह आदि थे।

फोटो बाजपुर शहीद भगत सिंह चौक पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का पुतला फूंकते किसान।- फोटो : BAZPUR

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