बाजपुर के गांव सरकड़ा-सुल्तानपुर मार्ग की हालत।
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सरकड़ा -सुल्तानपुर पट्टी छह किलोमीटर लिंक मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते इस मार्ग का दो दशक से निर्माण नहीं हो पाया। जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से मार्ग निर्माण की मांग करते-करते ग्रामीण थक चुके हैं। ग्रामीण अब आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं।
ग्राम सभा सरकड़ा से सुल्तानपुर पट्टी जाने वाला यह मार्ग गांव रामजीवनपुर हाथी कुंडा, कोसी कांटा, रतनपुरा, जोगीपुरा और पिपलिया को जोड़ता है। वर्तमान में सड़क में इतने गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं जिन पर चलना मुश्किल हो गया। सड़क के गड्ढों में हमेशा जलभराव, कीचड़ होने पर स्कूल जाने वाले बच्चे गिर जाते हैं जिससे उनके कपड़े खराब होना आम बात है। सुरक्षा की दृष्टि से अभिभावक अब बच्चों को गोद में लेकर स्कूल छोड़ते हैं। बारिश में ग्रामीणों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण बताते हैं कि 23 साल पहले सड़क का निर्माण गन्ना विभाग की ओर से कराया गया था। संवार्द
ग्राम पंचायत का चुनाव जीतने के बाद सरकड़ा मार्ग निर्माण के लिए क्षेत्रीय विधायक कैबिनेट मंत्री मंत्री यशपाल आर्य को पत्र भेजकर मांग की गई थी लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में भारी रोष है।
ग्राम प्रधान शबाना खातून
गड्ढेयुक्त सरकड़ा मार्ग से गुजरना जान जोखिम में डालना है लेकिन मजबूरी में ग्रामीण जलभराव और कीचड़ से होकर गुजरते हैं। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों की ओर से लोनिवि के उच्चाधिकारियों को कई पत्र भेजे गए हैं लेकिन कोई जवाब नहीं आया। मोहम्मद जुबेर सामाजिक कार्यकर्ता
सरकड़ा मार्ग निर्माण के लिए वर्ष 2018 में जिला पंचायत की बैठक में प्रस्ताव रखा गया था लेकिन सड़क निर्माण नहीं हो सका। सड़क निर्माण नहीं होना अधिकारियों की उदासीनता है। रोशन लाल तोमर पूर्व जिला पंचायत सदस्य