सिडकुल कंपनी से आशीर्वाद योजना के तहत ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा कर चुके 300 युवाओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कंपनी गेट पर धरना प्रदर्शन किया। डिप्लोमाधारियों ने कंपनी पर फर्जी डिप्लोमा सर्टिफिकेट देने का आरोप लगाते हुए स्थायी नौकरी की मांग की। तीन घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के बाद युवाओं ने कंपनी प्रबंधन को ज्ञापन दिया।
बुधवार को सिडकुल के सेक्टर-12 में स्थित आटोमोबाइल कंपनी अशोक लीलैंड के सामने सुबह साढ़े आठ बजे ही बड़ी संख्या में डिप्लोमाधारी युवक व युवतियों ने स्थायी नौकरी की मांग को लेकर रैली निकाली। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरीश पनेरु व यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव प्रदीप नेगी के नेतृत्व में डिप्लोमाधारियों ने कंपनी गेट के आगे धरना प्रदर्शन शुरू किया। कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरीश पनेरु ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सिडकुल की कंपनियां युवाओं को बेरोजगार कर रहीं हैं। युवा अपना हक पाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
डिप्लोमाधारी युवाओं ने कहा कि वर्ष 2010 में राज्य सरकार की एनटीटीएफ (आशीर्वाद) योजना के तहत अशोक लीलैंड के साथ अनुबंध किया था। इसमें ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार प्रदान करना था। योजना के तहत 400 युवाओं को कंपनी ने रोजगार भी दिया, लेकिन वर्ष 2018 के बाद से कंपनी प्रबंधन की ओर से युवाओं को कंपनी के अंदर नौकरी नहीं दी गई।
एनटीटीएफ योजना डिप्लोमाधारी युवाओं को राज्य में ही सिडकुल की अन्य कंपनियां नौकरी देने से इनकार कर रही हैं। डिप्लोमा करने में हर युवा के 60 हजार रुपये खर्च हुए हैं। चार साल में डिप्लोमा पूरा हुआ। वहां रोहित पांडे, भरत नेगी, भुवन भट्ट, प्रहलाद सिंह राजपूत, गौरव पांडे, इंद्र सिंह आदि थे। इस संबंध में कंपनी के एचआर हेड अनमोल ग्रेवाल ने कहा कि वह मामले में कोई टिप्पणी नहीं कर पाएंगे।
नौकरी गई तो किसी ने पान का खोखा खोला, तो कोई बेच रहा सड़कों पर मास्क
रुद्रपुर। सिडकुल कंपनी से ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कर चुके युवाओं को सिडकुल में दूसरी जगह नौकरी नहीं मिल रही है। कुछ युवा परिवार का पेट पालने के लिए पान का खोखा खोल रहे हैं तो कोई सड़कों पर मास्क बेचने के लिए मजबूर है। वहीं कुछ युवतियां सिलाई कढ़ाई कर रहीं हैं।
इससे उनकी थोड़ी बहुत आय हो रही है।
डिप्लोमा पूरा करने के बाद किसी भी निजी कंपनी में नौकरी नहीं लग पाई। घर में परिवार का पेट पालने के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल के बगल में पान का खोखा चला रहा हूं।
-दीपक गुप्ता, हल्द्वानी।
-
कंपनी में डिप्लोमा करने पर प्रशिक्षु के तौर पर नौकरी दी गई। उसके बाद निकाल दिया गया। नौकरी नहीं लगने पर कोरोना काल में हल्द्वानी में सिंधी चौराहे पर खड़े होकर मास्क बेचे। पेट पालने के लिए इसी तरह के काम करने पड़ रहे हैं।
-विकास कुमार, हल्द्वानी।
-
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग का 60 हजार रुपये खर्च कर कंपनी से डिप्लोमा किया, लेकिन दूसरी कंपनी में नौकरी मांगने जाओ तो वह इसे फर्जी बतातीं हैं। हमें स्थायी नौकरी चाहिए।
-किशोर शर्मा, रुद्रपुर।
-
डिप्लोमा करने पर कंपनी ने ओरिजिनल डॉक्यूमेंट अपने पास रखवा लिए। इससे आगे की पढ़ाई नहीं कर पाए। इसके साथ ही कंपनी प्रशिक्षित युवाओं को दोबारा फ्रेशर में रख रही है।
-गोकुल आर्या, रुद्रपुर।
-
कंपनी में हम पहले ऑपरेटर की नौकरी कर रहे थे, लेकिन कंपनी की ओर से हमें निकाल दिया गया। हमारी मांग है कि हमें स्थायी नौकरी चाहिए। वर्तमान में घर में सिलाई-कढ़ाई कर आजीविका चला रहे हैं।
-निधि जोशी, रुद्रपुर।
-
60 से 70 हजार रुपये खर्च कर कंपनी में ऑटोमोबाइल डिप्लोमा का कोर्स किया। कंपनी ने दावा किया था कि वह हमें नौकरी पर रखेगी, लेकन कुछ समय बाद ही नौकरी से निकाल दिया गया।
-दीप्ति रौतेला, रुद्रपुर।
सेवायोजन विभाग की ओर से एनटीटीएफ के तहत कोई भी छात्र-छात्राएं सिडकुल की कंपनियों में भर्ती नहीं किए जाते हैं। सेवायोजन विभाग की ओर से रोजगार मेला लगाकर छात्र-छात्राओं को सिडकुल की या अन्य कंपनियों में बेहतर जॉब दिए जाते हैं।
-आरके पंत, जिला सेवायोजन अधिकारी।
-
डिप्लोमाधारियों की पूर्व में शिकायत मिली थी। इसके आधार पर कंपनी प्रबंधन और डिप्लोमाधारियों दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समाधान का प्रयास किया गया था। डिप्लोमाधारियों का एनटीटीएफ व कंपनी प्रबंधन से समझौता है। समझौते के आधार पर ही डिप्लोमाधारी कंपनी में जॉब कर रहे हैं। अगर श्रम कानूनों का उल्लंघन होता है तो श्रम विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
-प्रशांत कुमार, सहायक श्रमायुक्त।
आरके पंत, जिला सेवायोजन अधिकारी।- फोटो : RUDRAPUR
दीप्ती रौतेला।- फोटो : RUDRAPUR
निधि जोशी।- फोटो : RUDRAPUR
गोकुल आर्या।- फोटो : RUDRAPUR
किशोर शर्मा।- फोटो : RUDRAPUR
विकास कुमार।- फोटो : RUDRAPUR
दीपक गुप्ता।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर अशोक लेलैंड कंपनी गेट पर धरना प्रदर्शन करते डिप्लोमाधारी।- फोटो : RUDRAPUR