सिटी क्लब की कार्यकारिणी का विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को हाइकोर्ट के एडवोकेट कमिश्नर ने यहां पहुंचकर मामले की जांच की। उन्होंने क्लब की कार्यकारिणी के सदस्यों के बयान दर्ज किए। सदस्यों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाये। एडवोकेट कमिश्नर ने कुछ सदस्यों से बंद कमरे में भी बातचीत की। उन्होंने कहा जांच रिपोर्ट हाइकोर्ट में सौंपी जाएगी। इसके बाद ही इस पर फैसला होगा।
बता दें शहर के सिटी क्लब की एक वर्ष पूर्व चुनी गई कार्यकारिणी की वैधता को लेकर कार्यकारिणी के सदस्यों में लंबे समय से मतभेद चल रहा है। कार्यकारिणी के कोषाध्यक्ष पद के लिए कोई नामांकन न होने से इस पद पर कोई निर्वाचन नहीं हो पाया था, जिसके चलते यह पद नई कार्यकारिणी के गठन के बाद से ही रिक्त है। इसके चलते कुछ सदस्यों ने कार्यकारिणी की वैधता पर ही सवाल उठा दिए थे, जबकि चुने गए पदाधिकारियों का कहना था कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत निर्वाचन प्रक्रिया से चुने गए हैं, ऐसे में उन्हें अवैध घोषित नहीं किया जा सकता।
पिछले दिनों इस मामले में डीएम ने कार्यकारिणी के सदस्यों की बैठक लेकर मामले में विवाद को देखते हुए सभी सदस्यों का पक्ष जाना और अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराई तो मौजूद आठ सदस्यों में से पांच ने कार्यकारिणी भंग करने पर सहमति जता दी। इसके बाद डीएम ने कार्यकारिणी भंग कर 25 अगस्त को चुनाव कराने का ऐलान कर दिया था, लेकिन इससे पहले कार्यकारिणी के सदस्य शिव कुमार ने कार्यकारिणी भंग करने के खिलाफ हाइकोर्ट में रिट दायर कर दी, जिस पर हाइकोर्ट ने चुनाव पर रोक लगा दी थी। मामले की तह तक जाने के लिए हाइकोर्ट के निर्देश पर रविवार को एडवोकेट कमिश्नर एमसी पांडे ने सिटी क्लब पहुंचकर कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक लेकर उनसे पूरे मामले की जानकारी ली। बैठक में 11 में से 10 सदस्य मौजूद थे।
इस दौरान आजीवन सदस्य पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने एडवोकेट पांडे को प्रकरण की जानकारी दी। साथ ही अन्य सदस्यों ने भी अपना पक्ष रखा। एडवोकेट कमिश्नर ने मौखिक रूप से सभी का पक्ष जानने के बाद लिखित रूप से भी सदस्यों के बयान लिये। साथ ही कुछ सदस्यों से उन्होंने बंद कमरे में उनका पक्ष जाना। घंटों तक चली बैठक में कोर्ट कमिश्नर ने सदस्यों की बात गंभीरता से सुनी। उन्होंने कहा मामले की जांच रिपोर्ट वह हाइकोर्ट में पेश करेंगे। इस पर अगला निर्णय हाइकोर्ट ही लेगा।
प्रशासन बैक फुट पर आया
सिटी क्लब कार्यकारिणी के विवाद के मामले में प्रशासन अब बैक फुट पर नजर आ रहा है। पिछले दिनों मामले को लेकर क्लब की बुलाई गई बैठक में सदस्यों से चर्चा के बाद डीएम नीरज खैरवाल ने कार्यकारिणी को भंग किया तो उनके इस फैसले पर सवाल खड़े हो गये थे। अब प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप से कतरा रहा है। रविवार को जब एडवोकेट कमिश्नर एनके पांडे क्लब के सदस्यों की बैठक ले रहे थे तो डीएम और एसएसपी बैठक में मौजूद जरूर थे लेकिन उन्होंने मामले में अपनी कोई राय नहीं दी और सदस्यों से आपस में मामला निपटाने पर जोर दिया।
हाइकोर्ट में 31 को होगी सुनवाई
सिटी क्लब की कार्यकारिणी के मामले को लेकर हाइकोर्ट में सुनवाई अब 31 अगस्त को होगी। सुनवाई से पहले एडवोकेट कमिश्नर एमसी पांडे हाइकोर्ट में जांच रिपोर्ट पेश कर देंगे।