फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टिनशेड के नीच भविष्य बना रहे हैं नौनिहाल

विज्ञापन
काशीपुर में बालकिशन के मकान में बच्चों को पढ़ाते शिक्षक। - फोटो : KASHIPUR
विज्ञापन
काशीपुर। सरकारी स्कूलों को मॉडल विद्यालय बनाने के शिक्षा मंत्री के आदेश हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय में टिनशेड के नीचे टाट पट्टी पर बैठकर नौनिहाल भविष्य संवारने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

दरअसल राजकीय प्राथमिक विद्यालय पारस्य मझरा कई दशक पहले बना था। वर्तमान में कक्षा एक से पांच तक 111 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जर्जर भवन के बदले नए भवन बनाने का प्रस्ताव विभाग को भेजा था। विभाग ने नया भवन बनाने के लिए जर्जर भवन को तो तुड़वा दिया, लेकिन बच्चों के बैठने की व्यवस्था नहीं हो सकी। परिसर में एक छोटा कमरा अलग से बना है, जिसमें शिक्षकों ने स्कूल का फर्नीचर रखवा दिया है।
ग्राम प्रधान ने एक टिनशेड डलवाया था। बारिश होने पर टिनशेड से गिरते पानी से दरी भीग जाती है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
इस पर गांव के बालकिशन ने बच्चों को पढ़ाने के लिए अपने नवनिर्मित घर के कमरों को दे दिया। इस मकान में कक्षा एक से तीन तक के बच्चे पढ़ रहे हैं, जबकि कक्षा चार और पांच के बच्चे टिनशेड में जमीन पर बैठकर पढ़ते हैं। शिक्षा मंत्री से संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
विज्ञापन

दिनभर बहता रहता है नल से पानी
काशीपुर। एक ओर जहां शिक्षा विभाग जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक कर रहा है। वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय पारस्य मझरा के शिक्षक अभियान पर पलीता लगाने में लगे। पानी की टोंटी खराब होने पर लगातार सैकड़ों लीटर पानी बह रहा है, लेकिन शिक्षक देखने के बावजूद भी टोंटी तक लगाने को तैयार नहीं है।
-
नया विद्यालय भवन बनाने का मामला मेरे संज्ञान में है। बच्चों के बैठने की व्यवस्था कराएंगे। जल्द ही स्कूल भवन का निर्माण कराया जाएगा। - एके सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी
स्कूल भवन का निर्माण कार्य में क्या दिक्कतें आ रही हैं। इसे दिखवाकर बारिश के बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा। - हिमांशु खुराना, संयुक्त मजिस्ट्रेट, काशीपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें