विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग एवं उत्तराखंड पुलिस की ओर से शहर कोतवाली में वीडियो कांफ्रेंसिंग का आयोजन किया गया। देहरादून से सीधे तौर पर सीएम हरीश रावत ने चार जिलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपने मन की बात कहते हुए प्रदेश सरकार द्वारा की उपलब्धियां गिनाईं।
कोतवाली में आयोजित सीधे तौर पर सीएम हरीश रावत ने वीडियो कांफ्रेंस में मौजूद लोगों से संवाद भी किया। कांफ्रेंस में मौजूद अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने सीएम से सवाल पूछने का मौका भी मिला। हालांकि तकनीकी खराबी होने के कारण संवाद इतने बेहतर रुप से नहीं हो पाया। सनातन धर्म कन्या इंटर कालेज की छात्राओं ने भी सीएम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुना।
सीएम ने चालीस मिनट से ज्यादा अपने भाषण में कहा कि उनका अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर वीडियो कांफ्रेंसिंग करने का सबसे बड़ा मकसद अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के दिल के भीतर छुपा पुलिस का भय निकालना है। उन्होंने कहा कि पुलिस के भय के चलते कई लोग अन्याय का शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा सीएम ने अल्पसंख्यक समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि वह मदरसों को तकनीकी रुप से जोड़ने का भी प्रयास कर रहे हैं ताकि मुस्लिम समुदाय के बच्चों को दीन के साथ दुनिया की तालिम में भी आगे ला सकें।
इसके साथ ही सीएम ने शहर में बाबा रंजीत सिंह के नाम से पार्क बनाने की बात भी कही तो वहीं ईसाई समुदाय के लिए कब्रिस्तान की जमीन को ढूंढने का आश्वासन भी दिया। वीडियो कांफ्रेंसिंग में एसएसपी सैंथिल अबुदई केएस, एएसपी देवेंद्र पिंचा, मंजूनाथ टीसी, कोतवाल एनएन पंत, एसडीएम पंकज उपाध्याय सहित विभिन्न संगठनों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
.........................................