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घाटों की सफाई कर नहाए खाए के साथ शुरू हुआ छठ पर्व

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रुद्रपुर बाजार में छठ पूजा को लेकर खरीदारी करते लगते लोग। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। नहाए-खाए के साथ ही बुधवार को पूर्वांचल समाज के प्रमुख पर्व छठ पूजा की शुरुआत हो गई। रुद्रपुर में छठ घाटों पर पूर्वांचल समाज के लोगों ने वेदियां बनाईं। साथ ही छठ घाटों की साफ-सफाई कराई।
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रुद्रपुर में धोबीघाट, अटरिया मंदिर के निकट, संतोषी माता मंदिर खेड़ा, तीनपानी, गंगापुर गांव, भूरारानी आदि स्थानों में लोगों ने छठ घाटों की छठ पर्व की तैयारियों को लेकर साफ-सफाई की। साथ ही छठ घाटों पर वेदियां बनाईं। रुद्रपुर बाजार में पूर्वांचल समाज के लोगों ने छठ पूजा के लिए पूजन सामग्री की खरीदारी की। नहाए-खाए के साथ ही छठ पर्व शुरू हुआ। बृहस्पतिवार को खरना व्रत होगा। शुक्रवार शाम को डूबते सूरज और शनिवार सुबह को उगते सूरज अर्घ्य दिया जाएगा।
काशीपुर। नगर में नहाए-खाए के साथ बुधवार से छठ पूजा का प्रारंभ किया गया। बृहस्पतिवार को खरना का व्रत रखा जाएगा। 20 नवंबर को डूबते सूरज और 21 नवंबर को उगते हुए सूरज को अर्घ्य दिया जाएगा।
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काशीपुर में पूर्वांचल, बिहार के लोग बड़ी तादाद में रहते हैं। यहां आठ घाटों पर छठ पूजा की तैयारियां की जा रही हैं। एसडीएम गौरव कुमार के आदेश पर सिंचाई विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों ने छठ घाटों की सफाई की। मोटेश्वर मंदिर के पास महादेव नहर, आईजीएल के पास, सूत मिल कॉलोनी के पास, तीर्थ द्रोणासागर परिसर, शुगर मिल और कुंडेश्वरी चौराहे के पास छठ पूजा घाटों की सफाई की। बुधवार को श्रृद्धालुओं ने लौकी की सब्जी से दिन में एक समय भोजन किया। नहाय-खाय के साथ यह पर्व शुरू हुआ। पूर्वांचल छठ समिति जन कल्याण समिति के अध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि 19 नवंबर को खरना का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन अरवा चावल की खीर बनाई जाती है। रात में 12 बजे से निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। 20 नवंबर की शाम चार बजे से पानी में खड़े होकर डूबते सूरज को अर्घ्य दिया जाएगा। अर्घ्य देते समय सूप में गन्ने का पेड़, फल, कच्चा केला, पका केला, फूल समेत अन्य सामग्री को रखा जाएगा। 21 नवंबर को उगते सूरज को महिलाएं अर्घ्य देंगी। इसी के साथ दूध और चाय के साथ निर्जल व्रत का पारण किया जाएगा। मेयर ऊषा चौधरी ने भी छठ घाटों का निरीक्षण किया।
शक्तिफार्म। क्षेत्र में छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। पूर्वांचल और बिहार के लोगों की आस्था को देखते हुए तिलियापुर ग्राम प्रधान और गुरुग्राम जिला पंचायत सदस्य के प्रयासों से कटना नदी किनारे छठ घाट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। घाट निर्माण में ग्रामीणों ने भी श्रमदान किया।
ग्रामसभा तिलियापुर में बड़ी संख्या में पूर्वांचल समाज के लोग रहते हैं। परंतु पूर्वांचल समाज के लिए महत्वपूर्ण आस्था का पर्व छठ पूजा के लिए कोई विशेष स्थान नहीं था। छठ पूजा दीपावली के ठीक छह दिन बाद 20 नवंबर को मनाया जाएगा। इसी के मद्देनजर तिलियापुर की ग्राम प्रधान निमिषा डसीला और गुरुग्राम जिला पंचायत सदस्य उत्तम आचार्य के प्रयासों से नदी किनारे दो छठ घाट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। वहां विभूति प्रसाद, कैलाश पाल, सुभाष राजभर, अजय गांधी, सुमिंदर यादव, सुशील कुमार, गुड्डू कुमार, अंकित साहनी, अर्जुन साहनी, गंगासागर पासवान, विजय कुमार, भोलू पांडेय आदि मौजूद थे।
खटीमा। छठ पर्व इस बार सादगी से मनाया जाएगा। पूर्वांचल समाज की ओर से रेलवे स्टेशन के पास छठ पूजा स्थल पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
छठ पूजा स्थल पर 20 नवंबर को होने वाले सूूूर्यास्त और 21 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही पर्व का समापन होगा। पूजा स्थल की तैयारियों का एसडीएम निर्मला बिष्ट और सीओ मनोज कुमार ठाकुर ने जायजा लिया। आयोजक मंडल संरक्षक ठाकुर उदय प्रताप सिंह, पूर्वांचल सेवा समिति अध्यक्ष सुनील रैदानी ने बताया कि इस बार केवल पूजा अर्चना होगी। सामूहिक प्रसाद वितरण, लंगर और सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। इस अवसर पर आर सिंह, विश्वनाथ यादव, सुरेंद्र सिंह, अंकित पांडे, कमला सिंह, मनोज शाही, बृजेश प्रजापति आदि उपस्थित रहे। संवाद
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