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भगवती बाल सुंदरी का डोला पहुंचा चैती मंदिर

Wed, 05 Apr 2017 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, काशीपुर।
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चैती मेला काशीपुर - फोटो : अमर उजाला
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काशीपुर। भगवती बाल सुंदरी का डोला चैती मंदिर पहुंच गया है। माता के दर्शन करने को रातभर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सुबह से लोगों की लंबी कतार लगी है। पुलिस को व्यवस्था करने में पसीने छूट रहे हैं। मंगलवार तड़के भगवती बाल सुंदरी का डोला चैती मंदिर पहुंच गया। इसके साथ ही देवी दर्शन के लिए भीड़ लगने लगी। सोमवार की शाम चार बजे प्रधान पंडा वंश गोपाल के आवास पर भगवती बाल सुंदरी को सार्वजनिक दर्शनों को रखा गया।
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देवी का शृंगार करने के बाद पंडित दयाशंकर जोशी ने प्रधान सहायक पंडा मनोज अग्निहोत्री, मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री, पंडा कृष्ण गोपाल अग्निहोत्री सहित परिवार के सदस्यों को पूजा, अर्चना कराई। पूर्णाहुति दी गई। बली प्रथा बंद होने के बाद अब बकरों के बजाय जायफल, नारियल की बलि दी जाती है। तड़के करीब पौने चार बजे पंडा मनोज अग्निहोत्री नगर मंदिर से देवी की स्वर्ण प्रतिमा को लेकर डोली में बैठे। कहार डोली उठाकर पैदल चले और साढ़े चार बजे चैती मंदिर पहुंचे।

पूजा, अर्चना, आरती के बाद देवी को मंदिर में सार्वजनिक दर्शन के लिए स्थापित किया गया। नगर मंदिर से डोला के साथ श्रद्धालुओं का जुलूस चला। सुरक्षा के लिए पुलिस ने कड़ी व्यवस्था की थी। जुलूस के साथ एएसपी डॉ. जगदीश चंद, सीओ राजेश भट्ट, प्रभारी कोतवाल ट्रेनी आईपीएस रचिता जुयाल, एसएसआई लाखन सिंह आदि पुलिस एवं पीएसी  के साथ जुलूस के साथ चल रह थे। जुलूस पक्काकोट से शदर बाजार, एमपी चौक, द्रोणसागर मार्ग से चैती मंदिर पहुंचा।
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मंदिर परिसर में देवी के दर्शन के लिए भारी भीड़ जमा थी, लेकिन पुलिस की कड़ी व्यवस्था से भीड़ नियंत्रण में रही। जुलूस में सुरेश शर्मा, संदीप अग्निहोत्री, विवेक अग्निहोत्री आदि थे। मंगलवार को मंदिर परिसर दर्शन करने वालों से खचाखच भर गया। पुलिस को लाइन लगाने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी।

काशीपुर। मंदिर परिसर में स्थित पाखड़ के पेड़ की खासियत यह है कि इसका तना पतली टहनी तक खोखला है। पंडा विकास अग्निहोत्री पेड़ के संबंध में मान्यता बताते हैं कि एक बार एक महात्मा आए उन्होंने मंदिर के पुजारी पंडा को शक्ति दिखाने को कहा तो पंडा ने कदंब के पेड़ पर पानी का छींटा डाला तो पेड़ सूख गया। तब उन्होंने फिर हरा करने को कहा तो पंडा ने पेड़ हरा कर दिया, लेकिन पेड़ खोखला रह गया।

काशीपुर। भगवती बाल सुंदरी के मेला में आने के साथ ही मेला परवान चढ़ गया है। दुकानों में खरीदारों की भारी भीड़ लग गई। खाने पीने की दुकानों में पैर रखने की जगह नहीं थी। तमाशा बाजार में बड़े झूलों, मौत का कुआं, सर्कस देखने वालों की भीड़ लगी है। मेला की  सफाई व्यवस्था की जिम्मेदार नगर निगम की है। इस कारण मेले में सफाई ठीक है।

काशीपुर। मेला में भारी भीड़ उमड़ रही है जो पुलिस, मेला प्रबंधकों के लिए चुनौती है। भीड़ अधिक बढ़ने से सबसे बड़ी समस्या किसी कारण भगदड़ मचने की स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करना है। नगर के दक्षिणी द्वार पर जहां टैंपो, ई-रिक्शा, वाहन सड़क पर खड़े हो रहे हैं। वहीं मेला परिसर से चैती चौराहा तक सड़क के दोनों ओर दुकानें लगी हैं।

वाहनों तक को निकलने का रास्ता नहीं है। ऐसे में भगदड़ मचने पर दुर्घटना की आशंका है। मेला के उत्तरी गेट पर सड़क के किनारे, कारें, ट्रैक्टर ट्रॉलियां खड़ी हैं। सवारी ढोने वाले वाहन भी इसी मार्ग पर खड़े हो रहे हैं। मेला के दौरान एमपी चौक, चीमा चौराहा, टांडा उज्जैन, खोखराताल में यातायात की गंभीर समस्या है। मेले में छेड़छाड़, जेब कटने की घटनाएं रोकना भी पुलिस के लिए चुनौती है। तमाशा बाजार में आने वाले अराजक तत्वों से निपटने के लिए भी पुलिस मुस्तैद है।

काशीपुर। एएसपी डॉ. जगदीश चंद ने कहा कि मेला में नागरिकों की सुरक्षा की सभी व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं। सीसीटीवी से मेला में नजर रखने की व्यवस्था की गई है। छेड़छाड़ करने वालों, जेबकतरों से निपटने के लिए पुलिस एवं महिला पुलिस सिविल ड्रेस में मेले में नियुक्त हैं। मेला में प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। चीमा चौराहा, एमपी चौक, टांडा उज्जैन में जाम न लगने देने की योजना बनाई जा रही है।
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