जिले की 35 अति प्रदूषणकारी उद्योगों पर पीसीबी तो नजर रखेगा ही इसके अलावा केंद्र सरकार भी इन उद्योगों पर नजर रखने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दो अलग-अलग संस्थानों की टीम काशीपुर पहुंच गई हैं। जो इन उद्योगों का निरीक्षण कर पानी के नमूने भरेंगी।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी ने जहां कड़ा रुख अपनाया हुआ है। वहीं उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी लगातार जिले के उद्योगों की निगरानी कर रहा है। लेकिन जिले की 35 ऐसे उद्योग हैं जिन्हें अति प्रदूषणकारी श्रेणी में रखा गया है। इनकी निगरानी पीसीबी कर रहा है। बावजूद इसके पीसीबी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अति प्रदूषणकारी उद्योगों के निरीक्षण करने का अनुरोध किया है।
इसी आधार पर केंद्र सरकार की और देश के दो अनुसंधान केंद्रों की टीमें बनाई हैं। जो काशीपुर पहुंचकर जांच पड़ताल करेगी। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अंकुर कंसल ने बताया कि जिले में 35 उद्योग ऐसे हैं जिन्हें अति प्रदूषणकारी उद्योगों में रखा गया है। इसमें जिले की 20 पेपर मिल इसके अलावा चीनी मिल, ऑटो, डिस्टिलरी के उद्योग शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने इनकी निगरानी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी के तहत सहारनपुर से केंद्रीय कागज अनुसंधान संस्थान और प्रदूषण नियंत्रण अनुसंधान संस्थान हरिद्वार से दो टीमें काशीपुर पहुंच चुकी है। केंद्रीय कागज अनुसंधान संस्थान की टीम पेपर मिलों का निरीक्षण करेंगी और नदियों व फैक्ट्रियों के पानी का नमूने लेकर केंद्रीय रिपोर्ट प्रेषित करेंगी।
जबकि दूसरी टीम अन्य उद्योगों का निरीक्षण करेंगी। उन्होंने बताया कि पीसीबी ने पत्राचार कर केंद्र सरकार ने अति प्रदूषणकारी उद्योगों का निरीक्षण करने का अनुरोध किया था। जिसके तहत कार्रवाई की जा रही है।