रुद्रपुर में समाज में अब तक बेटियों की सुरक्षा पर ज्यादा जोर दिया जाता रहा है लेकिन तराई में सामने आ रहे यौन अपराध के मामले दूसरी चिंताजनक तस्वीर दिखा रहे हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में नाबालिग लड़के भी दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं। बाल कल्याण समिति के पास हर साल ऐसे छह से अधिक मामले पहुंच रहे हैं।
जिले में सामने आए मामलों पर नजर डालें तो वर्ष 2019 में सितारगंज में सात वर्षीय बालक से दुष्कर्म का मामला सामने आया था। वर्ष 2025 में काशीपुर में नाबालिग लड़के से दुष्कर्म और उसका वीडियो वायरल किए जाने का मामला भी सुर्खियों में रहा। इसके अलावा बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री के मामलों में भी नाबालिग लड़कों के पीड़ित होने के मामले सामने आते रहे हैं।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में देश में लड़कों के साथ यौन अपराध से जुड़े करीब 44 हजार मामले दर्ज किए गए। उत्तराखंड में हर साल 900 से अधिक पॉक्सो के मामले दर्ज होते हैं, जिनमें करीब 30 प्रतिशत पीड़ित लड़के होते हैं। संवाद
बड़ी उम्र के युवक बना रहे बच्चों को निशाना
बाल कल्याण समिति के अनुसार रुद्रपुर, काशीपुर और पंतनगर की कई मलिन बस्तियों में 12 से 14 वर्ष की उम्र के लड़कों के यौन शोषण के मामले सामने आ रहे हैं। आरोप है कि काम पर जाते समय या अकेले मिलने पर कुछ युवक बच्चों को अपने साथ ले जाते हैं और उनके साथ अश्लील हरकत करते हैं। अप्रैल से अब तक समिति के पास ऐसे चार मामले पहुंच चुके हैं। इनमें बच्चों के साथ कम उम्र में ही यौन शोषण किए जाने की शिकायतें हैं। हाल ही में समिति के सामने आए एक मामले में बच्चे को बंद कमरे में ले जाकर उसके साथ यौन अपराध किए जाने की बात सामने आई थी।
हमारे पास अप्रैल से अब तक लड़कों के साथ यौन उत्पीड़न के चार मामले आ चुके हैं। अभिभावकों से अपील है कि अपने बच्चों की हर प्रतिक्रिया पर ध्यान दें और ऐसे मामलों में संकोच छोड़कर शिकायत करें। - चंद्रकला राय, सदस्य, बाल कल्याण समिति