पुलिस की ओर से सुनवाई नहीं करने पर पीड़ितों के अदालत की शरण में जाकर केस दर्ज करवाने के मामले सामने आते रहते हैं। शहर के एक दरोगा के प्रार्थनापत्र पर जब अपने ही महकमे ने सुनवाई नहीं की तो वह न्यायालय की शरण में पहुंच गया। अदालत के आदेश पर अब आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
साढ़े तीन महीने पहले वाहन चेकिंग के दौरान तत्कालीन आदर्श काॅलोनी इंचार्ज और युवक के बीच हुआ विवाद चर्चा में आ गया है। इंचार्ज ने युवक से खुद और परिवार की जानमाल का खतरा बताया है
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में एसआई संदीप पिलख्वाल निवासी रिजर्व पुलिस लाइन रुद्रपुर ने कहा था कि आदर्श काॅलोनी चौकी प्रभारी रहते हुए वे 18 सितंबर को मंगलम बर्गर के पास स्थित चौराहे पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। उन्होंने दो चालकों के विरुद्ध ट्रिपल राइडिंग और कागजात नहीं होने पर उनके वाहनों की सीज करने की कार्रवाई की। इसके अलावा, हेलमेट नहीं पहने पर दो वाहन चालकों का नकद चालान किया गया था। उस दौरान ट्रिपल राइडिंग करते हुए एक बाइक चालक को भी रोका गया था।
पुलिस को देखकर बाइक पर बैठा तीसरा युवक भाग गया था। जब बाइक चालक से पूछताछ की गई तो वह गालीगलौज पर उतारू हो गया। उसने न तो नाम-पता बताया और ना ही कागजात दिखाए। उन्होंने बाइक सीज करने की बात कही तो युवक ने देख लेने की धमकी दी थी। वह भागने की कोशिश कर रहा था तो उन्होंने युवक को पकड़ लिया था। आरोप था कि युवक ने उनकी सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश की थी लेकिन निकाल नहीं सका था।
रामपुर के बिलासपुर का रहने वाला है आरोपी
20 सितंबर को एसएसपी को दिया था प्रार्थनापत्र
दरोगा के अनुसार आरोपी यश के साथियों ने अपूर्ण वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो के बाद उनको फेसबुक पर भी धमकियां दी जा रही हैं। वहीं, ड्यूटी के दौरान और घटना के बाद से लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके बाद से ही वह और उनके परिजन डरे हुए हैं। वह मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने 20 सितंबर को एसएसपी को प्रार्थनापत्र दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उनकाे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। पुलिस ने अब यश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
वीडियो वायरल हुआ तो चौकी से इंचार्ज को था हटाया