ऊर्जा निगम और विजिलेंस टीम की कार्रवाई के बावजूद रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली चोरी की घटनाएं नहीं थम रही हैं। हालत यह है कि वर्ष 2013-14 से अब तक बिजली चोरी की घटनाओं में 16 गुना बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2013-14 में बिजली चोरी के 44 मुकदमे दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2017-18 में बिजली चोरी के 724 मामले दर्ज कराए गए हैं।
रुद्रपुर में वर्ष 2003 में सिडकुल की स्थापना के बाद ऊर्जा निगम पर बढ़ते दबाव के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में बिजली चोरी बढ़ती घटनाओं ने ऊर्जा निगम के अधिकारी के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। बिजली चोरी के सर्वाधिक मामले रुद्रपुर के रम्पुरा, खेड़ा, ट्रांजिट कैंप, भूरारानी और किच्छा के सिरोलीकला, धरोही आदि इलाकों में सामने आ रहे हैं।
ऊर्जा निगम की विजिलेंस टीम समय-समय पर बिजली चोरों के खिलाफ अभियान चलाकर विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत कार्रवाई करती है। लेकिन, जुर्माना और एफआईआर दर्ज कराने के बावजूद बिजली चोर सुधरने का नाम नहीं ले रहे।
विद्युत वितरण खंड रुद्रपुर के अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी कहते हैं कि बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर दंडात्मक कार्रवाई होती है। उपभोक्ताओं को नियमानुसार विद्युत मीटर से बिजली का इस्तेमाल करना चाहिए।
साल दर साल दर्ज केस
वर्ष मुकदमे
2013-14 44
2014-15 212
2015-16 248
2016-17 608
2017-18 724