काशीपुर के गन्ना अनुसंधान केंद्र में गन्ना की नर्सरी। संवाद
काशीपुर। गन्ना अनुसंधान केंद्र काशीपुर में अधिक उत्पादन देने वाले रोग एवं कीटरोधक प्रजातियों का गन्ना के बीज की साढ़े नौ हैक्टेयर में नर्सरी तैयार की जा रही है। बीज अगले साल किसानों को बांटा जाएगा।
गन्ना किसानों के लिए गन्ना की फसल लाभदायक बनाने के लिए देशभर के गन्ना अनुसंधान केंद्र गन्ना की नई- नई प्रजातियां तैयार करते हैं। काशीपुर गन्ना अनुसंधान केंद्र में साढ़े नौ हेक्टेयर में देश के विभिन्न अनुसंधान केंद्रों में तैयार नवीन उन्नतशील गन्ना प्रजातियों के गन्ना का बीज की नर्सरी लगी है। अगले साल किसानों को इसका बीज मिलेगा। बुधवार को गन्ना अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि काशीपुर अनुसंधान केंद्र में गन्ना अनुसंधान केंद्र करनाल (हरियाणा), शाहजहांपुर व लखनऊ (यूपी), पंतनगर केंद्र मेें तैयार गन्ना की एडवांस प्रजाति को-15023, कोशा- 17231, कोसा- 13235, कोलख- 14201, को पंत-12226, को पंत-13224, को पंत 12221 और सात अन्य प्रजातियां हैं। यह नर्सरी साढ़े नौ हैक्टेयर में है। इनमेंं अर्ली व सामान्य अवधि में बोई जाने वाली प्रजातियां हैं। उन्होंने बताया गन्ना प्रजनन बीज पौधशाला में नर्सरी तैयार की गई है। इन सभी प्रजातियों का उत्पादन लगभग नौ सौ क्विंटल प्रति हैक्टेयर है। इनकी विशेषता यह है कि यह सभी कीट व रेडराड बीमारी रोधक हैं। साथ ही यह प्रदेश के वातारण के अनुकूल है। केंद्र व राज्य सरकार से अनुमोदित हैं। अनुसंधान केंंद्र अगले साल गन्ना विकास विभाग व गन्ना परिषदों के माध्यम से किसानों को इसका बीज देगी।