खटीमा। खटीमा फाइबर्स फैक्टरी ने कर्मचारियों की ओर से नौकरी से निकालने के आरोप को नकारा है। फैक्टरी के एमडी डॉ. आरसी रस्तोगी ने कहा कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से बाहर नहीं किया गया है बल्कि कर्मचारियों को 45 दिन के लिए ले-ऑफ पर रखा गया है।
बुधवार को फाइबर्स फैक्ट्री के एमडी डॉ. रस्तोगी ने फैक्टरी परिसर स्थित विश्राम गृह में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कर्मचारियों का यह आरोप सरासर गलत है कि फैक्टरी प्रबंधन ने दो सौ कर्मचारियों को बाहर कर दिया है। फैक्टरी प्रबंधन ने किसी कर्मचारी को बाहर नहीं किया है। कुछ बाहरी तत्व कर्मचारियों को भ्रमित कर उनके और फैक्टरी प्रबंधन के बीच मतभेद पैदा कर रहे हैं। बाजार में पेपर के उचित दाम नहीं मिलने और आर्डर नहीं मिलने के कारण प्लांट को बंद कर दिया गया। इसके चलते 402 कर्मचारियों को ले-ऑफ पर रखा गया था। 304 कर्मचारियों को पुन: काम पर बुला लिया गया। वर्तमान में 98 कर्मचारी ले-ऑफ पर है। फैक्टरी के बंद पड़े पीएम-1 के सुचारू होते ही सभी कर्मचारियों को काम पर ले लिया जाएगा।
एमडी रस्तोगी ने कहा कि कर्मचारियों का आरोप है कि उनको फैक्टरी में जाने से रोका जा रहा है जो गलत है। कर्मचारियों को सूचित किया गया है कि वह अपनी निर्धारित शिफ्ट में समयानुसार आकर अपना कार्ड पंच कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराए। उन्होंने कहा कि ले-ऑफ में भी कर्मचारियों को उपस्थिति के आधार पर नियमानुसार 50 प्रतिशत वेतन का भुगतान किया जाएगा। एमडी रस्तोगी ने कहा कि प्लांट बंद हो जाने की स्थिति में नियमानुसार कर्मचारियों के वेतन व अन्य भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्लांट सुचारू होता है तो पहले ले-ऑफ पर रखे गए कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएंगी।