संपूर्णानंद सेंट्रल व खुली जेल में आजीवन कारावास की सजा भोग रहे कैदी व बंदियों की स्वतंत्रता दिवस पर सजा माफी की उम्मीद बढ़ गई है। कारागार महानिरीक्षक (आईजी) डॉ. पीवीके प्रसाद ने जेलों का निरीक्षण किया। आईजी ने सितारगंज के नौ और नैनीताल जेल के एक कैदी का साक्षात्कार लिया। कहा कि चार जुलाई को शासन में होने वाली दया याचिका कमेटी की बैठक में इन कैदियों की सजा माफी पर विचार विमर्श किया जाएगा।
सोमवार दोपहर करीब 1:45 बजे आईजी जेल अचानक ही सेंट्रल जेल पहुंचे। उन्होंने जेल के बैरक, मेस, कार्यालय आदि का निरीक्षण किया और जेल में 14 साल से अधिक समय से आजीवन कारावास की सजा भोग रहे 70 कैदी व बंदियों की जानकारी ली। इसके बाद आईजी ने साक्षात्कार से बचे नौ कैदियों को बुलाकर उनका साक्षात्कार लिया। जेलर जयंत पांगती ने जेल में जैमर लगाने की मांग की लेकिन आईजी ने उनकी मांग पर कोई टिप्पणी नहीं की। 3:15 बजे तक निरीक्षण के बाद आईजी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर शासन से कैदियों की रिहाई होनी है। जिसके लिए आगामी चार जुलाई को शासन में दया याचिका कमेटी की बैठक होगी। बताया कि उन्होंने हल्द्वानी व नैनीताल जेल का भी निरीक्षण किया। हल्द्वानी में 14 साल से अधिक सजा वाला कोई कैदी नहीं है। नैनीताल में एक कैदी का साक्षात्कार लिया है। वहां जेल अधीक्षक टीडी जोशी आदि थे।
शासन से करेंगे डॉक्टर की तैनाती की मांग
सितारगंज। आईजी ने जेल में न अस्पताल और न ही डॉक्टर की नियुक्ति के सवाल पर कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी के कारण यहां पद खाली है। इसके लिए शासन में मांग रखी जाएगी।