सड़क पर दोपहिया वाहन चलाने वालों पर पुलिस और परिवहन के कैमरों की तीसरी नजर रहती है ताकि कोई भी यातायात नियमों का उल्लंघन न कर पाए लेकिन अब कैमरे उन लोगों का भी ट्रिपल राइडिंग में चालान कर रह हैं जो वाहन चालक बीच में सामान रखकर वाहन चलाते हैं। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरे के कारण हो रहा है जो सामान और व्यक्ति में पहचान नहीं कर पाता है।
यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरे का इस्तेमाल किया जा रहा है लेकिन यह सुविधा परेशानी का कारण भी बन रही है। रुद्रपुर एआरटीओ कार्यालय में ऐसी भी शिकायतें पहुंच रही हैं जहां उन लोगों को चालान कट जा रहे हैं जो लोग नियम से चलते हैं। जैसे की पगड़ी वाले सरदार जब छोटी साइज की पगड़ी का इस्तेमाल करते हैं तो उनका बिना हेलमेट पर चालान कट रहा है। ऐसी दो से तीन शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा दो से तीन मामले ऐसी भी एआरटीओ कार्यालय पहुंचे जहां कई लोग रोजमर्रा के काम के दौरान बाइक या स्कूटी पर बैग, डिब्बा, बोरी या अन्य सामान लेकर चलते हैं। सामान चालक और पीछे बैठे व्यक्ति के बीच रखा होता है। एआई कैमरा इस आकृति को इंसानी शरीर समझ लेता है और स्वचालित प्रणाली ट्रिपल राइडिंग का चालान जनरेट कर देती है।
वाहन चालकों का कहना है कि जब मोबाइल पर चालान का संदेश पहुंचता है तब उन्हें अपनी गलती का पता ही नहीं चलता क्योंकि उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया ही नहीं होता। बाद में फोटो देखने पर स्पष्ट होता है कि तीसरी सवारी नहीं बल्कि सामान रखा हुआ था।
गलत चालान मिला तो घबराएं नहीं, ऐसे करा सकते हैं निरस्त
कैसे करता है एआई कैमरा काम?
हाईवे और मुख्य सड़कों पर लगे एआई कैमरे सड़क पर चल रहे वाहनों की तस्वीर लेकर हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात करना और ट्रिपल राइडिंग जैसी गतिविधियों की पहचान करते हैं। अगर एल्गोरिद्म किसी वस्तु को व्यक्ति समझ लेता है तो सिस्टम स्वतः चालान जनरेट कर देता है।
क्या है सामान ढोने के नियम
ऐसे मामलों में वाहन चालक को बीच में सामान रखने से बचना चाहिए। अगर चालान होता है तो तुरंत पुलिस या परिवहन में लिखित शिकायत दर्ज करवा सकते हैं ताकि समय से त्रुटियों को दूर किया जा सके।