शक्तिफार्म। हृदय विदारक घटना से बसगर गांव में मातमी सन्नाटा है। गांव में हजारों की भीड़ तो है लेकिन एक अजीब सी खामोशी है। जिसने भी सुना वह दुख की इस घड़ी में परिवारों को ढाढ़स बंधाने दौड़ पड़ा। मजहब और भाषा को दरकिनार कर लोगों को सुबकते हुए देखा गया। अंतिम यात्रा में शामिल सबकी आंखें नम और जुबां पर ‘सतनाम वाहेगुरु’ का जाप था।
अंतिम यात्रा में दूरदराज के गांव से पहुंचे कुछ लोगों से बात की तो पता चला कि उनकी इन पीड़ित परिवारों से कोई रिश्तेदारी नहीं है। हादसे के बारे में सुनकर खुद को घरों में रोक नहीं पाए और बसगर गांव पहुंच गए। मलसी रुद्रपुर निवासी 56 वर्षीय पूरन सिंह ने कहा कि इन परिवारों से भले ही कोई रिश्तेदारी नहीं है लेकिन संवेदना है। यह दुख असहनीय है। सुंदरपुर नानकमत्ता निवासी दर्शन सिंह ने कहा कि मुझे पहुंचने में थोड़ा विलंब जरूर हो गया लेकिन हमारा पूरा गांव इन दुखी परिवारों के साथ खड़ा है। ग्रीन वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के प्रबंधक नवीन जोशी ने कहा कि इस घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। रविवार का भयावह मंजर याद करते हैं तो सिहर उठते हैं।
नानकमत्ता के पहसैनी गांव से पहुंचीं 45 वर्षीय कृष्णा कौर सुबकते हुए बोलीं कि इससे बड़ा दुख कुछ और नहीं हो सकता। हादसा सुनकर सुबह होते ही इस ओर चली आईं। विडोरा मझोला निवासी बलबीर कौर ने कहा कि घटना के कुछ देर बाद ही सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें हादसे का पता चल गया था। उसके बाद से पूरे गांव में शोक की लहर है और आज उनका पूरा गांव अपने घरों को बंद कर यहां श्रद्धांजलि देने आया। रूदपुर निवासी बंगाली समुदाय के आनंद मंडल ने कहा कि शक्तिफार्म क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है। वह भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने श्मशान घाट पहुंचे हैं।
बलवीर कौर, विडौरा मझोला।- फोटो : SITARGANJ
कृष्णा कौर, ग्राम पहसैनी।- फोटो : SITARGANJ
नवीन जोशी, शक्तिफार्म।- फोटो : SITARGANJ
दर्शन सिंह, सुंदरपुर नानकमत्ता।- फोटो : SITARGANJ
पूरन सिंह, मलसी रुद्रपुर।- फोटो : SITARGANJ