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अमर उजाला ने ‘वोट है ताकत’ का नारा बुलंद किया

Thu, 19 Jan 2017 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
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अमर उजाला के कार्यक्रम में तहसीलदार को सम्मानित करते प्रधानाचार्य। - फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक मतदान के लिए जागरुक करने के उद्देश्य से अमर उजाला ने बुधवार को जेसीज पब्लिक स्कूल में ‘वोट है ताकत’ कार्यक्रम का आयोजन किया। डीएम, एसडीएम और एएसपी ने कार्यक्रम का शुभारंभ कर सैकड़ों किशोरों को अपने माता-पिता और अन्य परिचितों को मतदान के लिए जागरुक करने की शपथ दिलाई।

 गंगापुर रोड स्थित जेसीज पब्लिक स्कूल सभागार में दीप प्रज्ज्वलन से शुरु हुए कार्यक्रम में सबसे पहले सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक आर्ट के छात्रों ने संचालिका मोनिका अरोड़ा के निर्देशन में जागो युवा जागो, जागो वोटर जागो नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी। इसके बाद डीएम चंद्रेश कुमार यादव ने अपने उद्बोधन में जेसीज पब्लिक स्कूल और सेंट मेरी स्कूल के छात्रों को लोकतंत्र में वोट का महत्व बताते हुए अपने माता-पिता और पड़ोसियों को मतदान के दिन पोलिंग बूथ तक ले जाने की अपील की।
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इस दौरान जेसीज स्कूल के छात्रों ने कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर सभागार में मौजूद लोगों को मतदान के लिए जागरुक किया। जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए बैनरों पर लिखे गए स्लोगन ‘चूल्हा चौका छोड़ दो, 15 फरवरी को वोट दो’ और ‘छोड़ कर अपने सारे काम, पहले करें चलो मतदान’ ने लोगों को मतदान के लिए उत्साहित किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों को जेसीज पब्लिक स्कूल और अमर उजाला द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम पंकज उपाध्याय, एएसपी क्राइम टीडी वैला, एएसपी देवेंद्र पिंचा, तहसीलदार अमृता शर्मा, जेसीज स्कूल के प्रधानाचार्य यशपाल शर्मा मौजूद रहीं।

अमर उजाला द्वारा जेसीज पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘वोट है ताकत’ जागरूकता कार्यक्रम के तहत डीएम चंद्रेश कुमार यादव का कहना था कि वोट देना हर नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है। शिक्षा प्राप्त करना बच्चों का अधिकार है, उन्हें शिक्षा प्रदान कराना सरकार और स्कूल का दायित्व है। सरकार अच्छी बने यह छात्रों की भी जिम्मेदारी है और वे भले ही वोट न डाल सकते हों लेकिन वोट के लिए अपने माता-पिता व अन्य परिचितों को जागरुक कर सकते हैं।

एसडीएम पंकज उपाध्याय ने कहा कि भले ही छात्रों की उम्र अभी आगामी विधानसभा चुनावों में वोट डालने की उम्र नहीं हुई हो लेकिन मतदाता जागरुकता कार्यक्रम में की गई भागीदारी से आने वाले 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए एक रिहर्सल होगी। उनका कहना था कि आम मतदाता की ताकत दिखाई नहीं पड़ती लेकिन जब मतों से चुनाव हो जाता है तो मतदाता को अपने वोट का एहसास होता है। इस दौरान उन्होंने सभागार में मौजूद छात्रों को अपने फोन नंबर उपलब्ध कराकर कोई भी शिकायत या चुनाव विरोधी गतिविधियों की जानकारी देने की भी अपील की।
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जेसीज स्कूल के प्रधानाचार्य यशपाल शर्मा का कहना था कि आज मतदाता पहले की अपेक्षा अधिक जागरुक है। फिर भी मतदान को बिकाऊ होने से बचाने के लिए लोगों को वोट का महत्व और ताकत बताते हुए जागरुक करना आवश्यक है। इसके लिए शिक्षण संस्थाओं को भी अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उनका कहना था शिक्षक खुद मतदान करने का संकल्प लेकर बच्चों को भी इसकी सफलता में भागीदारी करने का संकल्प कराएं तो वह उनके द्वारा बच्चों को दिए गए किताबी ज्ञान से भी अधिक महत्वपूर्ण बन सकता है क्योंकि मतदान से होने वाले गलत चुनाव में बच्चों का भविष्य भी प्रभावित होने की प्रबल संभावना रहती है।
 
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