काशीपुर। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण और डीएम की ओर से अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाए जाने से कॉलोनियों में प्लाट खरीदने वाले अब रजिस्ट्री के लिए परेशान हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है जब तक प्रापर्टी डीलर नियमानुसार नक्शा स्वीकृत नहीं करा लेते, तब तक रजिस्ट्री की अनुमति नहीं मिलेगी।
लगभग एक साल पहले डीडीए से कॉलोनियों का बिना नक्शा स्वीकृति कराने पर प्राधिकरण क्षेत्र अंतर्गत लगभग 250 और प्राधिकरण से बाहर लगभग 550 कॉलोनियों में काटे गए प्लाटों की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी। बता दें अधिकांश कॉलोनियों में लोगों ने प्रापर्टी डीलरों व कॉलोनाइजरों से प्लाट खरीद का बैनामा तो करा लिया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई।
इसी बीच विभाग ने नियमों के तहत नक्शा स्वीकृत नहीं कराने पर रोक लगा दी थी। प्रशासन के मुताबिक यह कॉलोनियां रेरा नियमों के विपरीत काटी गई हैं। न ले-आउट पास है, न नगर की महायोजना को ध्यान में रखा गया है। इसी वजह से डीडीए ने जिले की 250 और प्राधिकरण से बाहर लगभग 550 कॉलोनियों में क्रय-विक्रय और रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगा रखा है।
क्या बोले खरीदार
कटोराताल निवासी खरीदार शीला ने बताया लगभग एक साल पहले 700 वर्गफीट का प्लॉट लिया था। उन्होंने डीलर को तय रकम में अधिकांश राशि दे दी लेकिन अब कॉलोनी की रजिस्ट्री पर रोक लगने से वह मानसिक रूप से परेशान हैं। वहीं मानपुर रोड निवासी राहुल कश्यप व सुरेश कुमार ने बताया उन्होंने एक कॉलोनी में डीलर से 850 वर्गफीट का प्लाट लगभग एक साल पहले खरीदा था। अब रजिस्ट्री नहीं हो रही। बैंक की किस्त भी देनी है और मकान भी नहीं बना पा रहे हैं। इसी तरह कई लोग कर्ज के बोझ तले दबे हैं। बैंक का ब्याज बढ़ रहा है लेकिन जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा। उन्होंने बताया कि कॉलोनियों में तो सड़क, नाली और बिजली तक नहीं है।
कोट
जिले में प्राधिकरण सीमा में आने वाली लगभग 250 व प्राधिकरण सीमा से बाहर लगभग 550 कॉलोनियों को नियम विरुद्ध काटने पर प्रतिबंध लगा है। हालांकि कुछ लोगों ने विभागीय कार्रवाई पूरी कर दी है। जो कॉलोनी 2017 से पहले महायोजना के अनुसार आवासीय है और उसमें 50 से 60 फीसदी की बिक्री वर्ष 2017 से पहले हो चुकी है। तब प्राधिकरण नियमानुसार ही अनुमति देगा। - जय किशन, उपाध्यक्ष डीडीए