फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संजय वन के संरक्षण के लिए तीन साल से नहीं मिला बजट

विज्ञापन
रुद्रपुर में स्थित संजय वन क्षेत्र। - फोटो : RUDRAPUR
विज्ञापन
रुद्रपुर। पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को लुभाने वाला संजय वन वर्तमान में बदहाल है। तीन साल से सरकार ने संजय वन के संरक्षण के लिए बजट जारी नहीं किया है। इससे पहले संजय वन को हर साल लाखों रुपये का बजट जारी किया जाता था।
विज्ञापन

तीन दशक पहले सरकार ने पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और स्थानीय लोगों के घूमने के लिए रुद्रपुर-हल्द्वानी रोड स्थित टांडा जंगल में पर्यटन स्थल के रूप में संजय वन की स्थापना की थी। सरकार का मकसद था कि यहां लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे। साथ ही वन्यजीवों को भी नजदीक से देख सकेंगे। इससे आने वाले शुल्क से सरकार को मुनाफा भी होगा।
संजय वन क्षेत्र में बच्चों के लिए पार्क, नवग्रह वाटिका, खेल के मैदान, खरगोश के घर, वन्यजीवों के लिए वाटर हॉल समेत कई काम हुए। स्थापना के बाद से ही संजय वन क्षेत्र के संरक्षण के लिए सरकार की ओर से हर साल लाखों रुपये का बजट जारी किया जाता था। भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद संजय वन क्षेत्र को बजट देना बंद कर दिया।
विज्ञापन

बजट नहीं मिलने से वन विभाग संजय वन की जर्जर हालत को नहीं सुधार पा रहा है। सड़कें टूट गई हैं और नवग्रह वाटिका झाड़ियों और काई में तब्दील हो चुकी है। खरगोशों के लिए बनाए गए घर भी टूट चुके हैं। वाटर हॉल में पानी नहीं होने से वन्यजीवों की आवाजाही ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही है। बदहाली के चलते पर्यटक और आम लोगों की आमद संजय वन में बहुत कम हो गई है।
50 रुपये शुल्क देकर मिलता है प्रवेश
रुद्रपुर। संजय वन क्षेत्र में अब 50 रुपये शुल्क देकर प्रवेश मिलता है। बाहर गेट की बनावटी शोभा देखकर लोग पार्क में घूमने जाते तो हैं लेकिन बाहर आते समय वन विभाग और सरकार की व्यवस्थाओं को कोसते हुए दिखाई देते हैं। शुल्क के आधार पर भी लोगों को संजय वन क्षेत्र में सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
संजय वन के संरक्षण के लिए सरकार की ओर से मिलने वाला बजट बंद कर दिया गया है। पूर्व में बजट मिलने पर पूरे क्षेत्र में मरम्मत और अन्य सभी कार्य किए जाते थे। वन विभाग के मद में इतना पैसा नहीं होता कि वह संजय वन में उचित सुविधाएं जुटा सके। बजट के लिए सरकार को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। - डॉ. अभिलाषा सिंह, डीएफओ।

डॉ.अभिलाषा सिंह, डीएफओ।- फोटो : RUDRAPUR

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें