बंडिया के निकट क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत के दौरान अचानक पानी छोड़ने से तटबंध टूट गया। तटबंध टूटने से लाखों रुपये की क्षति का अनुमान है। सिंचाई विभाग के जेई ने अज्ञात व्यक्ति द्वारा डैम का फाटक खोलने की बात कही है। नमक फैक्ट्री के पास आया पानी तो नाले में बह गया, लेकिन पानी ने नहर के तटबंध को क्षतिग्रस्त कर दिया।
सिंचाई विभाग की राईट पाहा फीडर वर्ष 1993 में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गई थी। यह फीडर डैम से लेकर नमक फैक्ट्री तक रेते से पट गया था। लगातार 22 साल से बंद पड़ी नहर की मरम्मत करने के लिए क्षेत्र के किसान लगातार सरकार से मांग कर रहे थे। सरकार ने सिंचाई का पानी नहीं देने के बावजूद भी क्षेत्र से आबपाशी वसूली जारी रखी थी। दो दशकों तक बंद पड़ी इस फीडर को दुरुस्त करने का कुछ दिनों पहले शुरू किया गया। जिसमें डैम से लेकर सौनेरा तक नहर की सफाई करवाई गई। सोमवा रात अचानक आए पानी ने मरम्मत हो रही इस फीडर को नमक फैक्ट्री के पास बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। सिंचाई विभाग के एई हरि मोहन ने बताया कि इस घटना के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। हालांकि डैम पर सरकारी चौकीदार है, लेकिन किसी अज्ञात व्यक्ति ने रात में अचानक डैम का गेट खोल दिया। जिससे नमक फैक्ट्री के पास नहर का एक किनारा पूरी तरह टूट गया। मामले की सूचना मिलने पर डैम में पानी की सप्लाई बंद कर दी। जिससे बेनी नदी में सारा पानी जाने से जान माल का खतरा टल गया।