अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी की ओर से जारी नोटिस और जांच झेल रहे जसपुर के पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल के समर्थकों पर कार्यवाही की तलवार लटक रही है। तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच पूरी कर जिलाध्यक्ष को रिपोर्ट सौंप दी है और जल्द ही अब रिपोर्ट प्रदेश हाईकमान को भेजने की तैयारी की जा रही है। पार्टी ने विरोध के बजाय कार्यक्रम स्थगित होने को गंभीर माना है। करीब 10 समर्थकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो यह सिंघल के लिए तगड़ा झटका होगा। हालांकि समर्थकों पर कार्रवाई न हो, इसके लिए अंदरखाने पुरजोर कोशिश की जा रही है।
बता दें कि पांच जुलाई को शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के पहली बार जसपुर आगमन पर आयोजित कार्यक्रम में जैसे ही प्रदेश उपाध्यक्ष विनय रोहेला मंच पर पहुंचे तो कुछ कार्यकर्ताओं ने विनय रोहेला पर भितरघात का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी थी। काफी कोशिशों के बाद भी जब स्थिति नहीं संभली तो मंत्री नाराज होकर कार्यक्रम छोड़कर चले गए थे और कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था।
मामले में उसी दिन जिलाध्यक्ष ने 16 कार्यकर्ताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किए थे और तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी गठित कर दी थी। पूर्व विधायक सिंघल के समर्थक माने जाने वाले 16 लोगों को नोटिस मिलने के बाद पार्टी में अंदरूनी राजनीति गरमा गई थी। पार्टी की कार्रवाई से कार्यकर्ताओं को बचाने के लिए दिल्ली और दून तक कोशिश की गई थी। इसे बहुगुणा कैंप से जोड़ने की कोशिश भी की गई।
मामले को लेकर आलाकमान की गंभीरता का नतीजा यह रहा कि सिंघल को काशीपुर में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में आने से मना कर दिया गया। जांच कमेटी ने सभी 16 कार्यकर्ताओं से बयान दर्ज किए हैं। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक इनमें से कुछ कार्यकर्ता बखेड़ा होने के समय मौजूद नहीं थे और कुछ ने अपनी गलती भी मानी है, लेकिन पार्टी इस मामले में राहत देने के कतई मूड में नहीं दिख रही है और अनुशासनहीनता को लेकर कार्रवाई कर संदेश देना चाहती है।
तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है। जिन कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजे गए थे, उनका पक्ष भी सुना गया है। जांच रिपोर्ट को प्रदेश नेतृत्व को भेजने की तैयारी है। आलाकमान के निर्देश पर ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
- शिव अरोरा, जिलाध्यक्ष, भाजपा।