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पुलिस दबाव के बाद शव जिला अस्पताल छोड़ भागे

Sat, 30 Jan 2016 04:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर
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किच्छा स्थित श्री बांके बिहारी इस्पात फैक्ट्री में शेड गिरने से एक मजदूर की मौत और नौ के घायल होने के मामले में पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक हर्ष गोयल निवासी नवभारत इंटरनेशनल फैक्ट्री रुद्रपुर, ठेकेदार जसवीर सिंह किच्छा, कर्मचारी अमित कुमार निवासी मुजफ्फरनगर और छोटे लाल पर लापरवाही बरतने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक मजदूर अनेकपाल निवासी बदायूं के भाई ध्रुव कुमार की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
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उधर, जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता ने कार्य और सुरक्षा इंतजाम में लापरवाही बरतने, मजदूर के शव को 11 घंटे बाद देने, पुलिस को सूचना देर से देने और प्रशासन को धोखे में रखने की जांच के आदेश एसडीएम किच्छा को दिए हैं। वहीं एएलसी अनिल यादव ने कहा कि फैक्ट्री में श्रम कानून का पालन होता है या नहीं, अगर फैक्ट्री में श्रमिकों को श्रम कानून के दायरे से हटकर काम कराया जा रहा होगा तो जिला प्रशासन के आदेश पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उधर, परिजनों की तहरीर के 11 घंटे बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने गुपचुप तरीके से शव जिला अस्पताल पहुंचा दिया। वहीं मृतक के भाई ने फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा भाई की मौत के बाद उसे 5 घंटे बंधक बनाने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है।
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पनचक्की फार्म के समीप श्री बांके बिहारी इस्पात फैक्ट्री का विशाल टीनशेड बृहस्पतिवार को 10 बजे भरभराकर गिर गया था। इस दौरान मौके पर ही एक श्रमिक 45 वर्षीय अनेेकपाल की मौत और नौ श्रमिक घायल हो गए थे। फैक्ट्री प्रबंधन ने श्रमिक की मौत को दबाने की कोशिश की। प्रबंधन 11 घंटे तक प्रशासन और मरे श्रमिक के परिजनों को गुमराह करता रहा। जब श्रमिक के परिजनों ने पुलिस को तहरीर सौंपी तो उसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने गुपचुप तरीके से शव को जिला अस्पताल पहुंचा दिया और किसी से मृतक के परिजनों को फोन करा दिया। मृतक के भाई प्रेम पाल ने फैक्ट्री प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके भाई की मौत टीनशेड गिरते ही हो गई थी।

फैक्ट्री प्रबंधन ने मौत के बाद शव को अंदर छुपा दिया। साथ ही उसको भी कमरे में बैठाकर मोबाइल छीन लिया। उसने कहा कि प्रबंधक गुपचुप तरीके से उस पर समझौता करने का दबाव बनाने लगा। जब वह नहीं माना तो उसे 5 घंटे फैक्ट्री में बैठाए रखा। जब मृतक अनेक पाल के पुत्र चरन सिंह और उसके परिजनों ने पुलिस को तहरीर सौंपी तो पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन पर दबाव बनाना शुरू किया। तब रात में फैक्ट्री प्रबंधन ने गुपचुप तरीके से जिला अस्पताल शव भिजवा दिया।
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