पुलिस हिरासत में मारे गए रामेश्वरपुर निवासी जसविंदर के परिजनाें ने आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विधायक राजेश शुक्ला की अगुवाई में कोतवाली में दिन भर धरना दिया। सूचना पर पहुंचे कुमाऊं रेंज के डीआईजी पीएस सैलाल के आश्वासन पर देर शाम पुलिस को गिरफ्तारी के लिए दस दिन की मोहलत देते हुए धरना खत्म किया गया।
गुरुवार को रामेश्वरपुर निवासी जसविंदर के घर पर मृतक के चौथे की रस्म पर क्षेत्र से बड़ी तादाद में लोग पहुंचे थे। आरोपियों की गिरफ्तारी की समय सीमा समाप्त होने पर ग्रामीणों के कोतवाली कूच की आशंका से पुलिस अधिकारी भी रामेश्वरपुर पहुंच गए। यहां पर एसएसपी नीलेश आनंद भरणे व एएसपी टीडी वैला ने परिजनों से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए समय सीमा बढ़ाने को कहा। सूचना पर विधायक राजेश शुक्ला भी मृतक के घर पहुंच गए। विधायक के पहुंचने पर सभी ग्रामीण उनकी अगुवाई में किच्छा कोतवाली पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। विधायक शुक्ला ने आरोप लगाया कि जिला व पुलिस प्रशासन घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों को बचाने के प्रयास में लगी हुई है। विधायक ने कहा कि जब इस मामले में उन्हाेंने मुख्यमंत्री हरीश रावत से देहरादून में बात की तो सीएम ने उन्हें बताया कि उन्हें मृतक के आरोपी होने की सूचना दी गई थी। विधायक ने चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी धरना खत्म नहीं होगा। कोतवाली में धरने की सूचना पर डीआईजी कुमाऊं रेंज पीएस सैलाल यहां पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों को समझाने का प्रयास किया और गिरफ्तारी के लिए आड़े आ रही तकनीकी दिक्कतों से अवगत कराया। यहां पर चले दिन भर के घटनाक्रम के बाद विधायक व मृतक जसविंदर के परिजनों ने पुलिस प्रशासन को दस दिन में गिरफ्तारी व तीन दिन में सीओ के निलंबन का समय देते हुए धरना खत्म किया।