वार्ड नंबर छह में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। कालोनियों में सफाई कर्मचारियों के नहीं पहुंचने पर नालियां बंद पड़ी है। खाली भूखंड तालाब बने हुए है। वार्ड में नशेड़ियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। नगर निगम का सबसे बड़े वार्ड में समस्याएं समाप्त नहीं हो रही है।
वार्ड में करीब आठ हजार से अधिक आबादी है। आदर्श नगर, साकेत नगर, गौतमनगर सहित सात कालोनियां है। सफाई नहीं होने से नालियां गंदगी से पटी है। वार्ड में दर्जनों हैंडपंप खराब पड़े हैं। खाली भूखंडों में पानी भरा हुआ है। बरसात में गंदा पानी लोगों के घरों में घुसता है।
घरों के पास प्लाटों में लंबी घास और भांग के पौधे खड़े है। इनमें नशेड़ी दिनभर इंजेक्शन आदि का नशा करते हैं। विरोध करने पर गाली गलौच और मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। दिनरात भारी वाहनों की आवाजाही से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्डवासियों ने कई बार पार्षद, निगम प्रशासन और विधायक चीमा से शिकायत की पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
- शिव विहार कॉलोनी निवासी कमला चौहान कहती हैं कि कालोनी में भारी वाहन दिन रात चलते रहते हैं। प्रशासन इस पर रोक नहीं लगा रहा है। कभी भी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। पार्षद को कई बार इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन पार्षद ने आना ही छोड़ दिया।
- सुनील शर्मा कहते हैं कि कालोनी में कई नालियां बंद है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी खाली भूखंडों में जाता है और बरसात का पानी भी जमा हो जाता है। इसके चलते लोगों को घर से निकलना दूभर हो गया है। पार्षद ने कालोनी में कोई काम नहीं किया है।
- सुदेश कहती हैं कि मंदिर के शिव मंदिर के पास बिजली के तारों का जाल बना है। साथ ही कालोनी में अधिकांश पोलों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगवाई है। इससे कालोनी अंधेरे के आगोश में रहती है। कई बार शिकायत करने के बाद भी पार्षद ने एक नहीं सुनी।
- निर्देश चौहान कहती हैं कि खाली प्लाटों में भांग उगी हुई है। इसमें नशेड़ी बैठकर नशा करते हैं। मना करने पर गाली गलौच और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। पार्षद से कालोनी में गार्ड रखने को कह चुके हैं लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। पुलिस भी गश्त के लिए नहीं आती है।
- विमलेश यादव कहती हैं कि मंदिर के पास एक सरकारी हैंडपंप लगवाने को पार्षद से कहा था, लेकिन पार्षद एक हैंडपंप भी नहीं लगवा सके। कालोनी में निकलने वाले डंपरों की रोक के लिए विधायक और प्रशासन से कई बार कहा लेकिन भारी वाहनों का निकलना बंद नहीं हो सका।
- पूनम मिश्रा कहती हैं कि कालोनी में सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। इससे नालियों में गंदगी जमा पड़ी और आगे बंद है। इससे खाली भूखंड में पानी जमा हो रहा है, लेकिन न तो कोई पार्षद और न ही नगर निगम सफाई कर्मचारी भेजता है। दवाई का छिड़काव भी नहीं कराया जाता है।
वार्ड में करीब आठ हजार से अधिक आबादी है। जिसमें महज सात सफाई कर्मचारी है। इसलिए सफाई व्यवस्था ठप है। वार्ड में अब तक सात करोड़ रुपये के निर्माण कार्य कराए गए हैं। भारी वाहनों पर रोक लगाने का काम पुलिस का है। हाल ही में एक कालोनियों में एक दर्जन से अधिक हैंडपंप ठीक कराए हैं।
दोबारा छिद्रण होने वाले तीन हैंडपंप ठीक नहीं कराए हैं। निगम की ओर से कूड़ा लेने वाली गाड़ियों चलाई जा रही हैं। बावजूद इसके अधिकांश लोग कूड़ा सड़कों और प्लाटों में ही डाल रहे है। स्ट्रीट लाइटों के बल्ब जलते बुझते रहते हैं। निगम से कोई बजट नहीं मिलता है।
- सर्वेश बाली पार्षद वार्ड नंबर 6 नगर निगम, काशीपुर