फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेविगेशन पैटर्न भूल रहीं मधुमक्खियां: प्रजनन क्षमता भी हुई प्रभावित, परागण को बाधित कर रहा नियोनिकोटिनोइड्स

Thu, 12 Jun 2025 02:43 PM IST
हीरा मेहरा सुरेंद्र कुमार वर्मा, संवाद

सार

नियोनिकोटिनोइड्स जैसे कीटनाशकों के उपयोग से परागणकों में गिरावट वैश्विक फसल उत्पादन और जैव विविधता के लिए खतरा बन रही है। इनसे परागण बाधित हो रहा है। इन कीटनाशकों से मधुमक्खियों में पनपने की क्षमता कम हो रही है।
विज्ञापन
मधुमक्खियां - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नियोनिकोटिनोइड्स जैसे कीटनाशकों के उपयोग से परागणकों में गिरावट वैश्विक फसल उत्पादन और जैव विविधता के लिए खतरा बन रही है। इनसे परागण बाधित हो रहा है। इन कीटनाशकों से मधुमक्खियों में पनपने की क्षमता कम हो रही है। पंतनगर विवि के शोध में यह बात सामने आई है। शोध में पता चला है कि इससे मधुमक्खियों की प्रजनन क्षमता घट रही है, नेविगेशन पैटर्न सीखने और भोजन व्यवहार सहित स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

विज्ञापन


जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. प्रमोद मल्ल ने शोध में पाया कि ग्लोबल वार्मिंग का पौधों के परागणक की अंतःक्रियाओं में स्थानिक और लौकिक बेमेल परागणकों (विशेष रूप से मधुमक्खियों) पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। यह बेमेल परिणाम
कुशल अंतःक्रिया हासिल करने में विफलता का कारण बन सकते हैं।

जलवायु परिवर्तन से पौधों में फूल आने के समय और परागणकों की गतिविधि के बीच तालमेल प्रभावित हो सकता है। कीटनाशकों की घातक विषाक्तता मधुमक्खियों की संख्या में गिरावट का प्रमुख कारण है। नियोनिकोटिनाइड्स जैसे रसायन कम सांद्रता पर लंबे समय तक संपर्क में रहने से मधुमक्खियों की हत्या का कारण बनते हैं। यह रसायन और फिप्रोनिल प्रतिरक्षा प्रणाली को दबा देते हैं और उन्हें नोजेमा संक्रमण और वरोआ माइट्स जैसे विभिन्न संक्रमणों के प्रति संवेदनशील बनाते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें