बाजपुर के बन्नाखेड़ा से लगी कोसी नदी के नौ घाटों में जेसीबी और पोकलैंड मशीनों से अवैध खनन का खेल होता है। 12 किलोमीटर के नदी क्षेत्र में यूं तो बन्नाखेड़ा पुलिस चौकी के साथ ही यहां पर दो घाटों पर पीएसी तैनात है, लेकिन इन सबके बावजूद अवैध खनन के कारोबारी यहां पर पुलिस पर भी भारी पड़ जाते हैं।
बन्नाखेड़ा से नैनीताल सीमा को लगने वाले कोसी क्षेत्र में वन विभाग समय-समय पर छापेमारी करता है। जब भी इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खनन होता है, वन विभाग नैनीताल पुलिस की मदद मांगती हैं। ऊधमसिंह नगर पुलिस से वन विभाग ने जब भी मदद मांगी उन्हें नहीं मिली। वन कर्मियों के साथ पिछले दो साल में मारपीट की 19 घटनाएं हो चुकी हैं, जिनके मुकदमे बाजपुर थानाक्षेत्र में ही दर्ज हैं। लेकिन इन पर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाजपुर क्षेत्र में बन्नाखेड़ा में देव घाट, प्रधान घाट, रांझा घाट, श्रद्धा घाट, हांडा घाट, त्रिलोक घाट यह जोगीपुरा क्षेत्र से भी लगे हैं। यहां पर जेसीबी और पोकलैंड से ही खनन का अवैध कारोबार होता है।
साथ ही इसी क्षेत्र में खनन पट्टों का भी क्षेत्र पड़ता है जहां पर छह चोर रास्ते माफियाओं ने बाजपुर से पूरब की ओर बनाए हुए हैं। पश्चिम की ओर भी कुछ रास्ते हैं लेकिन यह क्षेत्र वन विभाग की सीमा में आने से यहां पर लंबा जंगल है। इसलिए यहां पर चोर रास्तों का उपयोग कम किया जाता है। प्रधान घाट और हांडा घाट पर तो बाकायदा पीएसी तैनात होने के बाद भी खनन का यह खेल बदस्तूर जारी है। इस बारे में डीआईजी कुमाऊं अजय रौतेला ने कहा कि जिले में खनन का मामला वाकई बहुत हॉट है। इस पर रोक लगाने के लिए जल्द ही प्रयास किए जाएंगे। विशेष टीम गठित करके अवैध खनन को पूरी तरह से बंद किया जाएगा।