जसपुर। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) के कार्यालय के खाते से फर्जी चेक से 20.5 लाख रुपये फर्जी संस्था के खाते में ट्रांसफर करने के मामले में पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) सिविल लाइंस मुरादाबाद के शाखा प्रबंधक और सहायक प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस एक फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक और एक अन्य आरोपी को पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है।
सीडीपीओ के कार्यालय के खाते से कान्हा इंटरप्राइजेज संस्था के नाम 20.5 लाख रुपये का फर्जी चेक बनाकर दो फरवरी को बॉब की सिविल लाइंस मुरादाबाद शाखा से संस्था के खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। 23 मार्च को पासबुक में एंट्री कराने पर फर्जीवाड़े का पता चलने पर सीडीपीओ लक्ष्मी टम्टा ने उसी दिन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
एसआई एनसी जुर्रार मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार सुबह मुरादाबाद बैंक शाखा के प्रबंधक वीके सक्सेना, सहायक प्रबंधक अंकिता रोहतगी को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया। पूछताछ में फर्जी चेक से फर्जी संस्था के खाते में बिना जांच के इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर करने के मामले में दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
बैंक के उच्चाधिकारियों को फोन से गिरफ्तारी की सूचना दे दी। जांच अधिकारी एनसी जुर्रार ने बताया कि दोनों को धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत गिरफ्तार किया गया है। उधर दोनों बैंक अधिकारियों का कहना है कि वह तो पुलिस के सहयोग के लिए थाने आए थे उन्हें गिरफ्तारी की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने उन्हें फंसाया जा रहा है।
जसपुर। इससे पूर्व इस मामले में पुलिस काशीपुर की एक फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक ऋतुराज शर्मा निवासी मोहल्ला गुजरातियान, कस्बा मिलक थाना स्वार जिला रामपुर यूपी निवासी फराज खान को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत फराज खान ने ही सिविल लाइंस मुरादाबाद निवासी अवनीश कुमार की फर्जी संस्था कान्हा इंटरप्राइजेज के नाम से खुलवाया था। बैंक से इसी संस्था को नौ लाख रुपये का लोन भी किया गया था। संस्था के नाम 20.5 लाख रुपये का चेक जमा होने पर लोन के रुपये जमा कर लिए।